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Kangra News: पर्यटन नगरी की साख पर गंदगी का दाग

Sun, 14 Jun 2026 05:28 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jun 2026 05:28 AM IST
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Filth stains the reputation of the tourist town.
सुधेड़ गांव में स्थित नगर निगम धर्मशाला की डंपिंग साइट। संवाद
अभियान: कचरा स्वच्छता व्यवस्था-4
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जून में कूड़े के पहाड़ से धर्मशाला को मुक्त करने का दावा फेल
नगर निगम की ओर से डंपिंग साइट पर पार्क बनाने की है योजना
खाने की तलाश में पक्षी मार रहे मुंह, साथ लगते क्षेत्रों के लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला की डंपिंग साइट अभी तक कूड़े के पहाड़ से मुक्त नहीं हो पाई है। हालांकि, डंपिंग साइट को इसी माह कूड़े से मुक्त करने की योजना थी। सूत्रों के मुताबिक 25 वर्ष पहले सुधेड़ में कूड़ा फेंकने का क्रम शुरू हुआ था, जो कई बार विरोध के बावजूद अब तक जारी है। साल 2023 में यहां से करीब 40,000 मीट्रिक टन कचरा उठाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। कूड़े को सैपरेटर मशीनें और सलाइडर लगाकर हटाने पर कार्य किया जा रहा है। इसमें प्लास्टिक और अन्य कचरे का निष्पादन कर दिया गया है। इस प्लास्टिक को सीमेंट कंपनियों को भेजा जा रहा है, लेकिन यह कूड़े का पहाड़ कब यहां से छंटेगा यह आज भी खुद में एक बड़ा सवाल बना हुआ है।

आलम यह है कि गर्मी के मौसम में कचरे की बदबू साथ लगते बाजार और होटलों तक पहुंच रही है। इससे स्थानीय लोगों सहित यहां आने वाले पर्यटकों को भी समस्या का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही यहां खाने की तलाश में पक्षी मुंह मार रहे हैं। साथ ही इस पूरी साइट पर इन पक्षियों के साथ छोटे-छोटे कीट और मक्खियां मंडराते रहते हैं। इससे साथ लगते क्षेत्रों के लोगों को बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। नगर निगम के सूत्रों के मुताबिक डंपिंग साइट पर पूरे निगम क्षेत्र से एकत्रित रोजाना 15-16 टन कचरा पहुंचता है, जबकि पर्यटन सीजन के दौरान कूड़े की यह मात्रा बढ़कर 20-22 टन प्रतिदिन हो जाती है। कूड़े से बदबू न आए, इसके लिए यहां तैनात कर्मचारी यहां रोजाना दो-तीन बार स्प्रे करते हैं।
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पर्यटन नगरी धर्मशाला खुद में एक बड़ा नाम है, लेकिन यहां डंपिंग साइट से आने वाली बदबू के कारण स्थानीय लोगों सहित यहां आने वाले पर्यटक भी इसकी बदबू से प्रभावित होते हैं। इसका सीधा असर पर्यटन नगरी की साख पर पड़ता है। - रितेश, निवासी, दाड़ी
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जब मैं जनचेतना संस्था का अध्यक्ष था तो हमने इसके बारे में तीन-चार बार ज्ञापन दिया था, लेकिन आज तक यह कूड़े का पहाड़ यहां से नहीं हटाया जा सका है। इससे सबसे अधिक साथ लगते सुधेड़ गांव के लोग प्रभावित हो रहे हैं। इसमें सरकार और निगम को संयुक्त रूप से कड़ा कार्य करना होगा ताकि इससे इन लोगों के स्वास्थ्य को असर न पड़े। -एससी धीमान, पूर्व अध्यक्ष, जन चेतना संस्था धर्मशाला

करीब दो दशक से यहां कूड़ा फेंका जा रहा है। यहां हर प्रकार का ठोस और तरल कचरा पानी के साथ मिलकर क्षेत्र के प्राकृतिक जलस्रोतों को दूषित कर रहा है। साथ ही लोगों को त्वचा संबंधित रोग पैदा हो गए हैं। मेरी शपथ होने के साथ ही पहली ग्रामसभा में इसके खिलाफ प्रस्ताव पास किया जाएगा। - अजीत नैहरिया, नवनिर्वाचित प्रधान, ग्राम पंचायत सुधेड़

डंपिंग साइट से कूड़े को लगातार मशीनों से उठाया जा रहा है। कूड़ा उठाने की प्रकिया में काफी गति मिली है। निगम का प्रयास है कि जल्द इस स्थान को कूड़े से मुक्त किया जाएगा। - जफर इकबाल, आयुक्त, नगर निगम धर्मशाला

सुधेड़ गांव में स्थित नगर निगम धर्मशाला की डंपिंग साइट। संवाद

सुधेड़ गांव में स्थित नगर निगम धर्मशाला की डंपिंग साइट। संवाद

सुधेड़ गांव में स्थित नगर निगम धर्मशाला की डंपिंग साइट। संवाद

सुधेड़ गांव में स्थित नगर निगम धर्मशाला की डंपिंग साइट। संवाद

सुधेड़ गांव में स्थित नगर निगम धर्मशाला की डंपिंग साइट। संवाद

सुधेड़ गांव में स्थित नगर निगम धर्मशाला की डंपिंग साइट। संवाद

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