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Kangra News: एचआरटीसी के कर्मियों का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 22 Jun 2026 08:14 AM IST
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धर्मशाला। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के चालक-परिचालकों ने रविवार को धर्मशाला में अध्यक्ष अशोक कुमार की अध्यक्षता में गेट मीटिंग की और सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी की और निगम यूनियन के अध्यक्ष के तबादले का कड़ा विरोध जताया।
कर्मचारियों ने कहा कि सरकार ने 23 जून को यूनियन के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को वार्ता के लिए बुलाया है, लेकिन उससे पहले यूनियन के अध्यक्ष का तबादला किया जाना कर्मचारियों की आवाज को दबाने का प्रयास प्रतीत होता है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों का समाधान करने के बजाय यूनियन नेतृत्व पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।
यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार की तबादला नीति से कर्मचारी डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की कार्रवाई से आंदोलन कमजोर नहीं होगा, बल्कि कर्मचारियों की एकजुटता और संघर्ष को नई गति मिलेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि 24 जून तक मांगें नहीं मानी गईं तो 25 जून को प्रदेशव्यापी काम बंद आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि चालकों का 75 माह का ओवर टाइम बकाया है, जिसकी कुल राशि लगभग 120 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। गेट मीटिंग के बाद कर्मचारियों ने निगम परिसर में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि 23 जून को होने वाली बैठक में उनकी समस्याओं का समाधान निकालने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
कर्मचारियों ने कहा कि सरकार ने 23 जून को यूनियन के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को वार्ता के लिए बुलाया है, लेकिन उससे पहले यूनियन के अध्यक्ष का तबादला किया जाना कर्मचारियों की आवाज को दबाने का प्रयास प्रतीत होता है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों का समाधान करने के बजाय यूनियन नेतृत्व पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है।
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यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार की तबादला नीति से कर्मचारी डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की कार्रवाई से आंदोलन कमजोर नहीं होगा, बल्कि कर्मचारियों की एकजुटता और संघर्ष को नई गति मिलेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 24 जून तक मांगें नहीं मानी गईं तो 25 जून को प्रदेशव्यापी काम बंद आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि चालकों का 75 माह का ओवर टाइम बकाया है, जिसकी कुल राशि लगभग 120 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। गेट मीटिंग के बाद कर्मचारियों ने निगम परिसर में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि 23 जून को होने वाली बैठक में उनकी समस्याओं का समाधान निकालने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।