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Kangra News: शक्तिपीठों में गूंजे जयकारे, 38 हजार श्रद्धालुओं ने टेका माथा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 22 Jun 2026 08:36 AM IST
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चामुंडा माता मंदिर में रविवार को उमड़ी भीड़। संवाद
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ज्वालामुखी/कांगड़ा/चामुंडा। गर्मियों की अंतिम छुट्टियों और सप्ताहांत के चलते रविवार को जिला कांगड़ा के प्रमुख शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। पूरा दिन मंदिर माता रानी के जयकारों से गूंजते रहे और करीब 38,000 श्रद्धालुओं ने माता रानी के दर्शन किए। ज्वालामुखी में 25 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया, जबकि श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में 8 हजार और कांगड़ा के बज्रेश्वरी मंदिर में 5,000 श्रद्धालु पहुंचे।
श्रद्धालुओं की भारी आमद को देखते हुए मंदिर न्यास की ओर से व्यापक और सुव्यवस्थित प्रबंध किए गए थे। ज्वालामुखी मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने बताया कि सभी श्रद्धालुओं को सुचारु रूप से दर्शन करवाए गए। दर्शन व्यवस्था को शांतिपूर्ण ढंग से संचालित करने के लिए सुरक्षाकर्मी और कर्मचारी दिनभर मुस्तैद रहे।
भीषण गर्मी से राहत देने के लिए मंदिर प्रशासन द्वारा शीतल जल, सुव्यवस्थित कतारों और विश्राम की उचित व्यवस्था की गई थी। इसके साथ ही विभिन्न सामाजिक संगठनों और श्रद्धालुओं ने जगह-जगह मीठे पानी की छबीलें और हलवा-पूरी के भंडारे लगाए। उधर, श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण ज्वालामुखी शहर की यातायात व्यवस्था कुछ समय के लिए चरमरा गई। बोहन चौक पर पिछले करीब दो महीने से खराब पड़ी ट्रैफिक लाइट के चलते दोपहर के समय लंबा जाम लग गया। व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
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उधर, श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में भी सुबह से ही माहौल भक्तिमय बना रहा। मां चामुंडा के दर्शन करने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र बाणगंगा के तट पर पहुंचे। धौलाधार पर्वतमाला के मनमोहक दृश्यों, बहते शीतल जल और चारों ओर फैली हरियाली ने बाहरी राज्यों से आए पर्यटकों और श्रद्धालुओं को खासा आकर्षित किया, जिससे स्थानीय बाजारों में भी खासी रौनक देखी गई।
श्रद्धालुओं की भारी आमद को देखते हुए मंदिर न्यास की ओर से व्यापक और सुव्यवस्थित प्रबंध किए गए थे। ज्वालामुखी मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल ने बताया कि सभी श्रद्धालुओं को सुचारु रूप से दर्शन करवाए गए। दर्शन व्यवस्था को शांतिपूर्ण ढंग से संचालित करने के लिए सुरक्षाकर्मी और कर्मचारी दिनभर मुस्तैद रहे।
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भीषण गर्मी से राहत देने के लिए मंदिर प्रशासन द्वारा शीतल जल, सुव्यवस्थित कतारों और विश्राम की उचित व्यवस्था की गई थी। इसके साथ ही विभिन्न सामाजिक संगठनों और श्रद्धालुओं ने जगह-जगह मीठे पानी की छबीलें और हलवा-पूरी के भंडारे लगाए। उधर, श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण ज्वालामुखी शहर की यातायात व्यवस्था कुछ समय के लिए चरमरा गई। बोहन चौक पर पिछले करीब दो महीने से खराब पड़ी ट्रैफिक लाइट के चलते दोपहर के समय लंबा जाम लग गया। व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
उधर, श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में भी सुबह से ही माहौल भक्तिमय बना रहा। मां चामुंडा के दर्शन करने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु पवित्र बाणगंगा के तट पर पहुंचे। धौलाधार पर्वतमाला के मनमोहक दृश्यों, बहते शीतल जल और चारों ओर फैली हरियाली ने बाहरी राज्यों से आए पर्यटकों और श्रद्धालुओं को खासा आकर्षित किया, जिससे स्थानीय बाजारों में भी खासी रौनक देखी गई।