{"_id":"69d7f5950ae3345a690f1a17","slug":"keep-sheep-and-goats-separate-in-case-of-foot-rot-disease-dr-gorakhmal-kangra-news-c-95-1-ssml1019-228821-2026-04-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"फुटरॉट रोग होने पर भेड़-बकरियों को रखें अलग : डॉ. गोरखमल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फुटरॉट रोग होने पर भेड़-बकरियों को रखें अलग : डॉ. गोरखमल
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Fri, 10 Apr 2026 12:23 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
पालमपुर (कांगड़ा)। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान क्षेत्रीय केंद्र (भाकृअनुप) पालमपुर की ओर से चंदपुर पंचायत में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान फुटरॉट से बचाव के लिए संक्रमित भेड़ों और बकरियों को तुरंत अलग रखने की सलाह दी। गोष्ठी में 53 किसानों और पशुपालकों ने भाग लिया। इस दौरान फुटरॉट रोग परियोजना के तहत अनुसूचित जाति उपयोजना में प्राप्त निधि के तहत अनुसूचित जाति के अतिनिर्धन 45 किसान/पशुपालक लाभार्थियों को 10 लीटर तरल कैल्शियम, 2 बोलस कृमिनाशक, एक लीटर लीवर टॉनिक एवं एक तसला प्रति पशुपालक आवंटित किया गया।
किसान गोष्ठी में संस्थान के प्रमुख डाॅ. गोरख मल कहा कि यह संस्थान 1959 में स्थापित किया गया था और यह उत्तर-पश्चिम आर्द्र हिमालयी क्षेत्र में पशुपालन अनुसंधान पर कार्य करता है। फुटरॉट परियोजना पीआई डाॅ. रिंकु शर्मा ने लाभार्थियों को भेड़ और बकरियों में फुटरॉट की समस्या के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
Trending Videos
किसान गोष्ठी में संस्थान के प्रमुख डाॅ. गोरख मल कहा कि यह संस्थान 1959 में स्थापित किया गया था और यह उत्तर-पश्चिम आर्द्र हिमालयी क्षेत्र में पशुपालन अनुसंधान पर कार्य करता है। फुटरॉट परियोजना पीआई डाॅ. रिंकु शर्मा ने लाभार्थियों को भेड़ और बकरियों में फुटरॉट की समस्या के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
विज्ञापन
विज्ञापन