{"_id":"6a6a5c619cc98f4b1c0ecef0","slug":"landslide-near-bus-stand-threat-looms-over-art-museum-kangra-news-c-95-1-kng1037-247407-2026-07-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: धर्मशाला बस अड्डे के पास भूस्खलन, कला संग्रहालय पर मंडराया खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: धर्मशाला बस अड्डे के पास भूस्खलन, कला संग्रहालय पर मंडराया खतरा
Thu, 30 Jul 2026 01:32 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 30 Jul 2026 01:32 AM IST
विज्ञापन
धर्मशाला बस स्टैंड के साथ पहाड़ी से भूस्खलन से पेड़ के साथ आया मलबा। लगातार हो भूस्खलन से कांगड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धर्मशाला। लगातार हो रही बारिश के बीच बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। धर्मशाला बस स्टैंड के साथ अचानक भूस्खलन होने से बस अड्डा परिसर में अफरा-तफरी मच गई। ऊपर से मलबे के साथ एक बड़ा पेड़ जड़ों सहित उखड़कर नीचे आ गिरा। भूस्खलन के कारण अब बस अड्डे की ऊपर की ओर स्थित कांगड़ा कला संग्रहालय के भवन पर गिरने का खतरा मंडराने लगा है।
सुबह करीब 8:15 बजे यहां भूस्खलन हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहाड़ी से अचानक मिट्टी और पत्थर खिसकने लगे तथा देखते ही देखते बड़ा पेड़ नीचे आ गिरा। हादसे के वक्त उस स्थान पर न तो कोई व्यक्ति मौजूद था और न ही कोई गाड़ी खड़ी थी। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और न ही कोई वाहन मलबे की चपेट में आया। भूस्खलन के बाद सुरक्षा के लिहाज से एक तरफ का रास्ता बंद कर दिया गया। इस कारण बस अड्डा परिसर में दिनभर जाम की स्थिति बनी रही।
बस अड्डा कर्मियों को तीन दिन पहले ही पहाड़ी में आ रही दरारों और भूस्खलन का आभास हो गया था। खतरे को देखते हुए बस अड्डा प्रभारी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रभावित हिस्से में रस्सियां लगाकर उसे सील कर दिया था। बस अड्डा प्रभारी धर्मशाला विनाेद चंदेल ने कहा कि रस्सियां लगाने के साथ ही चालकों को वहां बसें पार्क न करने की हिदायत दी गई थी। वहीं एचआरटीसी के मंडलीय प्रबंधक पंकज चड्ढा ने कला संग्रहालय के अधिकारियों को दरकी हुई पहाड़ी पर तिरपाल डालने की सलाह दी है, ताकि बारिश का पानी सीधे ढलान में न घुसे और भूस्खलन को रोका जा सके।
विज्ञापन
झुकी सुरक्षा दीवार से और बढ़ा खतरा
बस स्टैंड पर पहाड़ी की तरफ बनाई गई सुरक्षा दीवार भी जर्जर हो चुकी है। कई स्थानों से यह दीवार बाहर की ओर झुक गई है, जो इस बरसात में कभी भी धराशायी हो सकती है। स्थानीय दुकानदारों और चालकों का कहना है कि यदि पहाड़ी की कमजोर चट्टानों को तुरंत नहीं हटाया गया और दीवार की मरम्मत नहीं हुई, तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
घटना के बाद संबंधित विभागों ने राहत कार्य शुरू कर दिए हैं। उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए लोक निर्माण विभाग को तुरंत प्रभाव से सुरक्षात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बीते साल भी यहां भूस्खलन हुआ था, पीडब्ल्यूडी से यहां क्या सुरक्षा उपाय किए जा सकते हैं, उसकी जानकारी मांगी है।
☰
Template
Image Attachment
Photo Manager
Social Media
Metadata
Attach Document
Translate
Backup
Agency
AI
QrCode
Attch Audio/Video
Last Version
विज्ञापन
सुबह करीब 8:15 बजे यहां भूस्खलन हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहाड़ी से अचानक मिट्टी और पत्थर खिसकने लगे तथा देखते ही देखते बड़ा पेड़ नीचे आ गिरा। हादसे के वक्त उस स्थान पर न तो कोई व्यक्ति मौजूद था और न ही कोई गाड़ी खड़ी थी। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई और न ही कोई वाहन मलबे की चपेट में आया। भूस्खलन के बाद सुरक्षा के लिहाज से एक तरफ का रास्ता बंद कर दिया गया। इस कारण बस अड्डा परिसर में दिनभर जाम की स्थिति बनी रही।
विज्ञापन
बस अड्डा कर्मियों को तीन दिन पहले ही पहाड़ी में आ रही दरारों और भूस्खलन का आभास हो गया था। खतरे को देखते हुए बस अड्डा प्रभारी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रभावित हिस्से में रस्सियां लगाकर उसे सील कर दिया था। बस अड्डा प्रभारी धर्मशाला विनाेद चंदेल ने कहा कि रस्सियां लगाने के साथ ही चालकों को वहां बसें पार्क न करने की हिदायत दी गई थी। वहीं एचआरटीसी के मंडलीय प्रबंधक पंकज चड्ढा ने कला संग्रहालय के अधिकारियों को दरकी हुई पहाड़ी पर तिरपाल डालने की सलाह दी है, ताकि बारिश का पानी सीधे ढलान में न घुसे और भूस्खलन को रोका जा सके।
विज्ञापन
झुकी सुरक्षा दीवार से और बढ़ा खतरा
बस स्टैंड पर पहाड़ी की तरफ बनाई गई सुरक्षा दीवार भी जर्जर हो चुकी है। कई स्थानों से यह दीवार बाहर की ओर झुक गई है, जो इस बरसात में कभी भी धराशायी हो सकती है। स्थानीय दुकानदारों और चालकों का कहना है कि यदि पहाड़ी की कमजोर चट्टानों को तुरंत नहीं हटाया गया और दीवार की मरम्मत नहीं हुई, तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
घटना के बाद संबंधित विभागों ने राहत कार्य शुरू कर दिए हैं। उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए लोक निर्माण विभाग को तुरंत प्रभाव से सुरक्षात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बीते साल भी यहां भूस्खलन हुआ था, पीडब्ल्यूडी से यहां क्या सुरक्षा उपाय किए जा सकते हैं, उसकी जानकारी मांगी है।
☰
Template
Image Attachment
Photo Manager
Social Media
Metadata
Attach Document
Translate
Backup
Agency
AI
QrCode
Attch Audio/Video
Last Version

धर्मशाला बस स्टैंड के साथ पहाड़ी से भूस्खलन से पेड़ के साथ आया मलबा। लगातार हो भूस्खलन से कांगड

धर्मशाला बस स्टैंड के साथ पहाड़ी से भूस्खलन से पेड़ के साथ आया मलबा। लगातार हो भूस्खलन से कांगड