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Kangra News: साइबर कैफे-लोक मित्र केंद्र संचालक वसूल रहे मनमाने दाम
Sat, 04 Jul 2026 02:00 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sat, 04 Jul 2026 02:00 AM IST
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-रमन चौधरी, विद्यार्थी। (लोक मित्र केंद्रों वाली न्यूज के साथ)
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धर्मशाला। जिले में संचालित कुछ साइबर कैफे और लोक मित्र केंद्र सरकारी सेवाओं के नाम पर मनमाने शुल्क वसूल रहे हैं। लोगों का कहना है कि एक प्रमाण पत्र बनाने के लिए सरकारी शुल्क 38 रुपये निर्धारित है। कई केंद्रों पर 150 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इससे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
लोगों का आरोप है कि अधिकांश केंद्रों पर सेवाओं की निर्धारित शुल्क सूची भी प्रदर्शित नहीं की गई है जिससे उपभोक्ताओं को वास्तविक फीस की जानकारी नहीं मिल पाती। लोगों ने संबंधित विभाग और प्रदेश सरकार से मामले की जांच कर मनमानी वसूली पर रोक लगाने की मांग की है। सभी लोक मित्र केंद्रों और साइबर कैफे के बाहर रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।
-- -- -- -- -- -- राजस्व विभाग के प्रमाण पत्रों के लिए लोक मित्र केंद्र सरकार की ओर से अधिकृत हैं। यहां आवेदन करने पर सरकारी फीस 54 रुपये कटती है और केंद्र संचालक 120 से 130 रुपये तक वसूलते हैं। जो निजी साइबर कैफे इन सेवाओं के लिए अधिकृत नहीं हैं वे भी इसे ओपन सर्विस के रूप में चला रहे हैं। यहां वे 150 रुपये तक शुल्क लेते हैं। -ईशू शर्मा, परागपुर निवासी
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लोक मित्र और सीएससी केंद्र संचालक तय दरों से अधिक राशि वसूल रहे हैं। यह गरीब लोगों के साथ अन्याय है। सरकार और स्थानीय प्रशासन को चाहिए इन केंद्र संचालकों पर लगाम लगाई जाए। जो पैसे बनते हैं उतने ही लेने चाहिए। अधिक पैसे लेने वाले संचालकों के लाइसेंस रद्द करने चाहिए। -रमन चौधरी, विद्यार्थी
कुछ केंद्र संचालकों का कहना है कि सरकार ने रेट बढ़ाएं हैं। जब उनसे सरकार की ओर से जारी की गई अधिसूचना के बारे में पूछा, तो कहा कि उनके पास नहीं है और न ही ये संचालक बिल देते हैं। इन केंद्र संचालकों को भी चाहिए कि जितनी उनकी लागत है, उसी के अनुसार लोगों से पैसे लें, अधिक पैसे न वसूलें। -निखिल चौधरी, निवासी इच्छी।
लोक मित्र केंद्र और सीएससी के लिए रेत निर्धारित किए गए हैं। अगर कोई संचालक निर्धारित रेट से ज्यादा पैसे वसूल रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -विनय कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त, कांगड़ा
इससे पहले एक प्रमाण पत्र बनाने के 100 रुपये लिए जाते थे, पर सरकार की ओर से फीस बढ़ाने के बाद हमारी तरफ से 150 रुपये लिए जा रहे हैं। इसको लेकर हम सरकार से आग्रह कर रहे हैं कि लोक मित्र केंद्र यूनियन के साथ बैठक बुलाई जाए ताकि बैठक कर इसका समाधान किया जाए। -मीना चड्ढा, राज्य अध्यक्ष, लोक मित्र केंद्र यूनियन
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लोगों का आरोप है कि अधिकांश केंद्रों पर सेवाओं की निर्धारित शुल्क सूची भी प्रदर्शित नहीं की गई है जिससे उपभोक्ताओं को वास्तविक फीस की जानकारी नहीं मिल पाती। लोगों ने संबंधित विभाग और प्रदेश सरकार से मामले की जांच कर मनमानी वसूली पर रोक लगाने की मांग की है। सभी लोक मित्र केंद्रों और साइबर कैफे के बाहर रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।
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लोक मित्र और सीएससी केंद्र संचालक तय दरों से अधिक राशि वसूल रहे हैं। यह गरीब लोगों के साथ अन्याय है। सरकार और स्थानीय प्रशासन को चाहिए इन केंद्र संचालकों पर लगाम लगाई जाए। जो पैसे बनते हैं उतने ही लेने चाहिए। अधिक पैसे लेने वाले संचालकों के लाइसेंस रद्द करने चाहिए। -रमन चौधरी, विद्यार्थी
कुछ केंद्र संचालकों का कहना है कि सरकार ने रेट बढ़ाएं हैं। जब उनसे सरकार की ओर से जारी की गई अधिसूचना के बारे में पूछा, तो कहा कि उनके पास नहीं है और न ही ये संचालक बिल देते हैं। इन केंद्र संचालकों को भी चाहिए कि जितनी उनकी लागत है, उसी के अनुसार लोगों से पैसे लें, अधिक पैसे न वसूलें। -निखिल चौधरी, निवासी इच्छी।
लोक मित्र केंद्र और सीएससी के लिए रेत निर्धारित किए गए हैं। अगर कोई संचालक निर्धारित रेट से ज्यादा पैसे वसूल रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -विनय कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त, कांगड़ा
इससे पहले एक प्रमाण पत्र बनाने के 100 रुपये लिए जाते थे, पर सरकार की ओर से फीस बढ़ाने के बाद हमारी तरफ से 150 रुपये लिए जा रहे हैं। इसको लेकर हम सरकार से आग्रह कर रहे हैं कि लोक मित्र केंद्र यूनियन के साथ बैठक बुलाई जाए ताकि बैठक कर इसका समाधान किया जाए। -मीना चड्ढा, राज्य अध्यक्ष, लोक मित्र केंद्र यूनियन

-रमन चौधरी, विद्यार्थी। (लोक मित्र केंद्रों वाली न्यूज के साथ)

-रमन चौधरी, विद्यार्थी। (लोक मित्र केंद्रों वाली न्यूज के साथ)