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Kangra News: गांवों में सहमति से सुलझेंगे छोटे विवाद
Fri, 17 Jul 2026 11:36 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Fri, 17 Jul 2026 11:36 AM IST
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धर्मशाला। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली ने ''सामुदायिक मध्यस्थता : मुकदमा-मुक्त ग्रामीण भारत की ओर'' परियोजना के दूसरे चरण की शुरुआत कर दी है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे और सामुदायिक विवादों का संवाद एवं सहमति से त्वरित समाधान कर न्यायालयों में मुकदमों का बोझ कम करना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है।
हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला कांगड़ा में इस परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पांच गांवों का चयन किया जाएगा। इन गांवों में स्थानीय स्तर पर सम्मानित एवं समाजसेवी व्यक्तियों को सामुदायिक मध्यस्थ के रूप में चुना जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव आर मिहुल शर्मा ने बताया कि चयनित मध्यस्थों को विशेषज्ञों की ओर से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
परियोजना के तहत गांवों की पहचान, मध्यस्थों का चयन, प्रशिक्षण, जनजागरूकता अभियान, मध्यस्थता की कार्यवाही और समयबद्ध रिपोर्टिंग की जाएगी। लगातार 12 माह तक नया मुकदमा दर्ज नहीं होने या सामुदायिक मध्यस्थता के माध्यम से अधिकतर विवादों के समाधान पर संबंधित गांव को मुकदमा-मुक्त ग्राम घोषित किया जाएगा।
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हिमाचल प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला कांगड़ा में इस परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पांच गांवों का चयन किया जाएगा। इन गांवों में स्थानीय स्तर पर सम्मानित एवं समाजसेवी व्यक्तियों को सामुदायिक मध्यस्थ के रूप में चुना जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव आर मिहुल शर्मा ने बताया कि चयनित मध्यस्थों को विशेषज्ञों की ओर से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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परियोजना के तहत गांवों की पहचान, मध्यस्थों का चयन, प्रशिक्षण, जनजागरूकता अभियान, मध्यस्थता की कार्यवाही और समयबद्ध रिपोर्टिंग की जाएगी। लगातार 12 माह तक नया मुकदमा दर्ज नहीं होने या सामुदायिक मध्यस्थता के माध्यम से अधिकतर विवादों के समाधान पर संबंधित गांव को मुकदमा-मुक्त ग्राम घोषित किया जाएगा।
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