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Kangra News: देहरा अस्पताल में इलाज से पहले पार्किंग की जंग
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 22 Mar 2026 07:48 AM IST
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स्टाफ के वाहनों से घिरा अस्ताल परिसर, तीमारदारों की जेब और सेहत पर डबल मार
पेड पार्किंग के बोझ से हर दिन मरीज हो रहे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। सिविल अस्पताल देहरा में पार्किंग की उचित व्यवस्था न होने से मरीजों और उनके तीमारदारों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। हालात ऐसे हैं कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले लोगों को अपनी गाड़ियां खड़ी करने के लिए पेड पार्किंग का सहारा लेना पड़ रहा है।
इससे एक ओर जहां जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है वहीं दूसरी ओर मरीजों को शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। अस्पताल परिसर में सीमित पार्किंग होने के बावजूद उसका अधिकांश हिस्सा स्टाफ के वाहनों से भरा रहता है। नतीजतन, दूरदराज से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए अस्पताल में वाहन खड़ा करना लगभग नामुमकिन हो गया है। मजबूरी में उन्हें अस्पताल परिसर से बाहर पेड पार्किंग में गाड़ी खड़ी करनी पड़ती है और फिर पैदल अस्पताल पहुंचना पड़ता है।
इस स्थिति का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों पर पड़ रहा है। कई बार मरीजों को स्ट्रेचर या सहारे के बिना लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इस कारण उनकी हालत और बिगड़ने का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि रोजाना सैकड़ों मरीज निजी और किराये के वाहनों से अस्पताल पहुंचते हैं लेकिन पार्किंग की समुचित व्यवस्था न होने के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों में देहरा प्रशासन के प्रति नाराजगी भी बढ़ रही है। उनका कहना है कि अस्पताल के साथ लगती पार्किंग को निशुल्क किया जाना चाहिए, ताकि इलाज के लिए आने वाले मरीजों को राहत मिल सके। पहले यह पार्किंग निशुल्क थी, लेकिन देहरा प्रशासन ने एकाएक खाली जगह को पेड पार्किंग में बदल दिया है। साथ ही स्टाफ के वाहनों के लिए अलग पार्किंग स्थल निर्धारित करने की भी मांग उठ रही है। मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन को इस दिशा में त्वरित कदम उठाने होंगे।
कोट
अस्पताल परिसर में सीमित पार्किंग है। लेकिन मरीजों वाले वाहनों को अंदर आने दिया जाता है। मरीज को उतारने के बाद ही वाहन पार्किंग में जाता है। -डॉ. हरिंद्र पाल सिंह, बीएमओ
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पेड पार्किंग के बोझ से हर दिन मरीज हो रहे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। सिविल अस्पताल देहरा में पार्किंग की उचित व्यवस्था न होने से मरीजों और उनके तीमारदारों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। हालात ऐसे हैं कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले लोगों को अपनी गाड़ियां खड़ी करने के लिए पेड पार्किंग का सहारा लेना पड़ रहा है।
इससे एक ओर जहां जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है वहीं दूसरी ओर मरीजों को शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। अस्पताल परिसर में सीमित पार्किंग होने के बावजूद उसका अधिकांश हिस्सा स्टाफ के वाहनों से भरा रहता है। नतीजतन, दूरदराज से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए अस्पताल में वाहन खड़ा करना लगभग नामुमकिन हो गया है। मजबूरी में उन्हें अस्पताल परिसर से बाहर पेड पार्किंग में गाड़ी खड़ी करनी पड़ती है और फिर पैदल अस्पताल पहुंचना पड़ता है।
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इस स्थिति का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों पर पड़ रहा है। कई बार मरीजों को स्ट्रेचर या सहारे के बिना लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इस कारण उनकी हालत और बिगड़ने का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि रोजाना सैकड़ों मरीज निजी और किराये के वाहनों से अस्पताल पहुंचते हैं लेकिन पार्किंग की समुचित व्यवस्था न होने के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों में देहरा प्रशासन के प्रति नाराजगी भी बढ़ रही है। उनका कहना है कि अस्पताल के साथ लगती पार्किंग को निशुल्क किया जाना चाहिए, ताकि इलाज के लिए आने वाले मरीजों को राहत मिल सके। पहले यह पार्किंग निशुल्क थी, लेकिन देहरा प्रशासन ने एकाएक खाली जगह को पेड पार्किंग में बदल दिया है। साथ ही स्टाफ के वाहनों के लिए अलग पार्किंग स्थल निर्धारित करने की भी मांग उठ रही है। मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन को इस दिशा में त्वरित कदम उठाने होंगे।
कोट
अस्पताल परिसर में सीमित पार्किंग है। लेकिन मरीजों वाले वाहनों को अंदर आने दिया जाता है। मरीज को उतारने के बाद ही वाहन पार्किंग में जाता है। -डॉ. हरिंद्र पाल सिंह, बीएमओ