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Kangra News: बरसात में बगीचों की सफाई और जलनिकासी पर दें ध्यान
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उद्यान विभाग ने बागवानों को जुलाई के लिए जारी की एडवाइजरी
कहा-आम और लीची में फ्रूट फ्लाई और साइट्रस कैंकर से रहें सतर्क
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। उद्यान विभाग कांगड़ा ने जुलाई के लिए फल उत्पादकों को विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। बागवानों को रोग एवं कीट प्रबंधन के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है। उद्यान विभाग की ओर से जारी परामर्श में आम, लीची, नींबू, सेब और अमरूद की फसलों में इस मौसम में होने वाले रोगों और कीटों के नियंत्रण के उपाय बताए गए हैं।
एडवाइजरी के मुताबिक जुलाई में बागवानों को बगीचों की नियमित सफाई, खरपतवार नियंत्रण और पौधों में जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। विभाग ने कहा है कि वर्षा ऋतु के दौरान अत्यधिक नमी के कारण रोगों और कीटों का प्रकोप बढ़ने की आशंका रहती है, इसलिए समय रहते रोकथाम जरूरी है। आम की फसल में फ्रूट फ्लाई और फल सड़न की समस्या से बचाव के लिए गिरे हुए संक्रमित फलों को एकत्र कर नष्ट करने और पेड़ों के नीचे की जमीन की गुड़ाई करने की सलाह दी गई है। लीची में पेरोसियम ब्लाइट रोग की रोकथाम के लिए अनुशंसित फफूंदनाशकों के छिड़काव का सुझाव दिया गया है।
नींबू और अन्य साइट्रस प्रजातियों में साइट्रस कैंकर, साइट्रस सफेद मक्खी और नींबू तितली के प्रकोप को देखते हुए प्रभावित भागों की कटाई और निर्धारित अंतराल पर दवाइयों के छिड़काव की सलाह दी गई है। सेब में स्कैब, बिटर रॉट और अल्टरनेरिया लीफ स्पॉट जैसे रोगों के नियंत्रण के लिए भी फफूंदनाशकों के इस्तेमाल का शेड्यूल जारी किया गया है। अमरूद उत्पादकों को फल सड़न के शुरुआती लक्षण दिखाई देते ही अनुशंसित दवाओं का छिड़काव करने को कहा गया है। इसके अलावा बागवानों को कीटनाशकों के उपयोग के दौरान सुरक्षा उपकरण पहनने, बच्चों और पालतू जानवरों को छिड़काव स्थल से दूर रखने और खाली डिब्बों का सुरक्षित निपटान करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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उद्यान विभाग ने उपनिदेशक डॉ. अलक्ष पठानिया ने बताया कि विभागीय योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक बागवानों तक यह एडवाइजरी पहुंचे ताकि समय पर वैज्ञानिक सलाह अपनाकर फसलों को नुकसान से बचाया जा सके।
बागवानों के लिए जरूरी सलाह...
- बागों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें।
- खरपतवार हटाकर नियमित गुड़ाई करें।
- संक्रमित फल और टहनियों को नष्ट करें।
- अनुशंसित मात्रा में ही दवाओं का इस्तेमाल करें।
- छिड़काव के समय दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक कपड़े पहनें।
- खाली कीटनाशक कंटेनरों का सुरक्षित निपटान करें।
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कहा-आम और लीची में फ्रूट फ्लाई और साइट्रस कैंकर से रहें सतर्क
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। उद्यान विभाग कांगड़ा ने जुलाई के लिए फल उत्पादकों को विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। बागवानों को रोग एवं कीट प्रबंधन के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है। उद्यान विभाग की ओर से जारी परामर्श में आम, लीची, नींबू, सेब और अमरूद की फसलों में इस मौसम में होने वाले रोगों और कीटों के नियंत्रण के उपाय बताए गए हैं।
एडवाइजरी के मुताबिक जुलाई में बागवानों को बगीचों की नियमित सफाई, खरपतवार नियंत्रण और पौधों में जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। विभाग ने कहा है कि वर्षा ऋतु के दौरान अत्यधिक नमी के कारण रोगों और कीटों का प्रकोप बढ़ने की आशंका रहती है, इसलिए समय रहते रोकथाम जरूरी है। आम की फसल में फ्रूट फ्लाई और फल सड़न की समस्या से बचाव के लिए गिरे हुए संक्रमित फलों को एकत्र कर नष्ट करने और पेड़ों के नीचे की जमीन की गुड़ाई करने की सलाह दी गई है। लीची में पेरोसियम ब्लाइट रोग की रोकथाम के लिए अनुशंसित फफूंदनाशकों के छिड़काव का सुझाव दिया गया है।
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नींबू और अन्य साइट्रस प्रजातियों में साइट्रस कैंकर, साइट्रस सफेद मक्खी और नींबू तितली के प्रकोप को देखते हुए प्रभावित भागों की कटाई और निर्धारित अंतराल पर दवाइयों के छिड़काव की सलाह दी गई है। सेब में स्कैब, बिटर रॉट और अल्टरनेरिया लीफ स्पॉट जैसे रोगों के नियंत्रण के लिए भी फफूंदनाशकों के इस्तेमाल का शेड्यूल जारी किया गया है। अमरूद उत्पादकों को फल सड़न के शुरुआती लक्षण दिखाई देते ही अनुशंसित दवाओं का छिड़काव करने को कहा गया है। इसके अलावा बागवानों को कीटनाशकों के उपयोग के दौरान सुरक्षा उपकरण पहनने, बच्चों और पालतू जानवरों को छिड़काव स्थल से दूर रखने और खाली डिब्बों का सुरक्षित निपटान करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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उद्यान विभाग ने उपनिदेशक डॉ. अलक्ष पठानिया ने बताया कि विभागीय योजनाओं के माध्यम से अधिक से अधिक बागवानों तक यह एडवाइजरी पहुंचे ताकि समय पर वैज्ञानिक सलाह अपनाकर फसलों को नुकसान से बचाया जा सके।
बागवानों के लिए जरूरी सलाह...
- बागों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें।
- खरपतवार हटाकर नियमित गुड़ाई करें।
- संक्रमित फल और टहनियों को नष्ट करें।
- अनुशंसित मात्रा में ही दवाओं का इस्तेमाल करें।
- छिड़काव के समय दस्ताने, मास्क और सुरक्षात्मक कपड़े पहनें।
- खाली कीटनाशक कंटेनरों का सुरक्षित निपटान करें।