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Kangra News: कार्डियोलॉजी विभाग में दबिश, कैथ लैब में मिले हृदय सर्जरी के उपकरण
Sat, 13 Jun 2026 08:47 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sat, 13 Jun 2026 08:47 AM IST
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टांडा में कार्डियो विभाग की कैथ लैब में जांच करते हुए प्राचार्य डा. मिलाप शर्मा। स्रोत: जागरूक
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टांडा (कांगड़ा)। डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा के कार्डियोलॉजी विभाग में अनियमितताओं की शिकायतों के बीच शुक्रवार को बड़ा प्रशासनिक एक्शन देखने को मिला। संस्थान के प्राचार्य ने मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, फार्मासिस्ट और सुरक्षा कर्मियों की टीम के साथ कार्डियो विभाग की कैथ लैब और दवा केंद्र में औचक निरीक्षण किया।
इस कार्रवाई के दौरान कैथ लैब में रखी अलमारियों से हृदय के ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाले सैकड़ों उपकरण बरामद किए गए, जो नियमों के विपरीत हैं। निरीक्षण के दौरान विभाग में हड़कंप की स्थिति बन गई। जांच टीम ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों को अपने मोबाइल फोन बंद करने के निर्देश दिए और पूरे मामले की विस्तृत पड़ताल शुरू कर दी।
बरामद उपकरणों की सूची तैयार करने के साथ-साथ उनकी निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट और खरीद संबंधी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कैथ लैब में स्टेंट समेत हृदय रोगियों के उपचार और ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न उपकरण बड़ी संख्या में रखे गए थे। नियमों के मुताबिक किसी भी वार्ड या लैब में केवल आपातकाल या उसी दिन के ऑपरेशनों के लिए जरूरी सामग्री ही रखी जा सकती है। जीवन रक्षक उपकरणों का ऐसा भारी स्टॉक केवल अधिकृत मुख्य स्टोर में ही रखा जाना चाहिए।
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मेडिकल कॉलेज के सूत्रों के अनुसार इस मामले में पिछले करीब डेढ़ वर्ष से लगातार सरकारी नियमों का पालन सुनिश्चित करने और खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए जा रहे थे, लेकिन निर्देशों की अवहेलना कर नियमों के विपरीत कैथ लैब में ही उपकरणों का यह स्टॉक जमा किया गया था। यदि जांच में यह सामग्री निर्धारित प्रक्रिया के उल्लंघन में पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
कार्डियोलॉजी विभाग से संबंधित शिकायतें लंबे समय से प्राप्त हो रही थीं। इसी के मद्देनजर प्रशासनिक टीम के साथ औचक निरीक्षण किया गया है। इस दौरान उपकरणों के रखरखाव और खरीद प्रक्रिया में कुछ गंभीर खामियां पाई गई हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है। इस पूरी पड़ताल की रिपोर्ट आगामी कार्रवाई के लिए प्रदेश सरकार को भेजी जाएगी। -डॉ. मिलाप शर्मा, प्राचार्य, टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल
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इस कार्रवाई के दौरान कैथ लैब में रखी अलमारियों से हृदय के ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाले सैकड़ों उपकरण बरामद किए गए, जो नियमों के विपरीत हैं। निरीक्षण के दौरान विभाग में हड़कंप की स्थिति बन गई। जांच टीम ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों को अपने मोबाइल फोन बंद करने के निर्देश दिए और पूरे मामले की विस्तृत पड़ताल शुरू कर दी।
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बरामद उपकरणों की सूची तैयार करने के साथ-साथ उनकी निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट और खरीद संबंधी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कैथ लैब में स्टेंट समेत हृदय रोगियों के उपचार और ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न उपकरण बड़ी संख्या में रखे गए थे। नियमों के मुताबिक किसी भी वार्ड या लैब में केवल आपातकाल या उसी दिन के ऑपरेशनों के लिए जरूरी सामग्री ही रखी जा सकती है। जीवन रक्षक उपकरणों का ऐसा भारी स्टॉक केवल अधिकृत मुख्य स्टोर में ही रखा जाना चाहिए।
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मेडिकल कॉलेज के सूत्रों के अनुसार इस मामले में पिछले करीब डेढ़ वर्ष से लगातार सरकारी नियमों का पालन सुनिश्चित करने और खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए जा रहे थे, लेकिन निर्देशों की अवहेलना कर नियमों के विपरीत कैथ लैब में ही उपकरणों का यह स्टॉक जमा किया गया था। यदि जांच में यह सामग्री निर्धारित प्रक्रिया के उल्लंघन में पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
कार्डियोलॉजी विभाग से संबंधित शिकायतें लंबे समय से प्राप्त हो रही थीं। इसी के मद्देनजर प्रशासनिक टीम के साथ औचक निरीक्षण किया गया है। इस दौरान उपकरणों के रखरखाव और खरीद प्रक्रिया में कुछ गंभीर खामियां पाई गई हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है। इस पूरी पड़ताल की रिपोर्ट आगामी कार्रवाई के लिए प्रदेश सरकार को भेजी जाएगी। -डॉ. मिलाप शर्मा, प्राचार्य, टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल