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Kangra News: सेवानिवृत्त आईजी सुरजीत गुलेरिया को दी अंतिम विदाई
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सेवानिवृत्त आईजी सुरजीत गुलेरिया को दी अंतिम विदाई
सैन्य सम्मान के साथ खैरियां में किया अंतिम संस्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। बीएसएफ में आईजी रहे देहरा के खैरियां पंचायत निवासी सुरजीत सिंह गुलेरिया का रविवार को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह एक साल बीमार चल रहे थे और दो साल पहले सेवानिवृत हुए थे। मंगलवार को सुरजीत सिंह गुलेरिया के पैतृक गांव खैरियां में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। उन्होंने 1987 में बीएसएफ में असिस्टेंट कमांडेंट पद पर ज्वाइन किया था। मूलरूप से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के देहरा तहसील के खैरियां गांव के रहने वाले गुलेरिया को इससे पहले उत्कृष्ट सेवा कार्यों के लिए 2008 में प्रेसिडेंट पुलिस मेडल फॉर मेरिटोरियल सर्विस और 2016 में प्रेसिडेंट पुलिस मेडल फॉर डिस्टिंग्विश सर्विस मिल चुके हैं। उन्हें प्रशिक्षण, ऑपरेशन और आपदा प्रबंधन में बेहतरीन कार्यों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से कई प्रशस्ति पत्र भी मिल चुके हैं। उन्होंने बीएसएफ में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। जम्मू कश्मीर में आतंकवाद के शुरुआती दौर में उन्होंने ड्यूटी की। पंजाब, राजस्थान और बंगाल सीमा पर महत्वपूर्ण योगदान देते हुए बंगाल बॉर्डर पर पशु तस्करी रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। गुलेरिया संयुक्त राष्ट्र (युनाइटेड नेशन) की पुलिस में भी कॉसबो में डेपुटेशन पर एक साल की सेवा दे चुके हैं। गुलेरिया को एनडीआरएफ की कोलकाता बटालियन और पटना बटालियन को स्थापित करने का भी श्रेय प्राप्त है। उन्होंने विभिन्न आपदाओं में एनडीआरएफ की तरफ से हिस्सा लिया था।
2017 में जैश के आतंकियों से लिया था लोहा :
23 अक्तूबर 2017 को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकियों ने श्रीनगर एयरपोर्ट के पास गोगोलैंड स्थित बीएसएफ कैंपस पर रात 3.45 बजे फिदायीन हमला कर दिया था। आतंकियों ने कैंपस की दीवार फांद कर एडमिन ब्लॉक, अधीनस्थ अधिकारी मेस और अधिकारी मेस में घुसने का प्रयास किया। आतंकी एडमिन ब्लॉक व अधीनस्थ अधिकारी मेस में घुसने में कामयाब हो गए थे। एक आतंकी ड्यूटी पर तैनात सीमा प्रहरी की गोलियों का शिकार हो गया था। आतंकियों ने रात को ग्रेनेड और गोलियों से कैंपस में अंधाधुंध फायरिंग की। आतंकियों के हमले को जवाब देने के लिए उस समय कश्मीर फ्रंटियर में डीआईजी (जी) सुरजीत सिंह गुलेरिया ने डीआईजी हरिलाल के साथ मिलकर जवानों के साथ कैंपस में मौजूद आतंकियों से लोहा लेते हुए उन्हें मार गिराया था। इस ऑपरेशन में एक अधीनस्थ अधिकारी शहीद हो गए थे, जबकि दो जवान घायल हुए थे। सुरजीत सिंह गुलेरिया के निधन पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, देहरा की विधायक कमलेश ठाकुर, जसवां परागपुर के विधायक बिक्रम ठाकुर, रविंद्र रवि और रमेश धवाला ने दुख व्यक्त किया है।
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सैन्य सम्मान के साथ खैरियां में किया अंतिम संस्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। बीएसएफ में आईजी रहे देहरा के खैरियां पंचायत निवासी सुरजीत सिंह गुलेरिया का रविवार को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह एक साल बीमार चल रहे थे और दो साल पहले सेवानिवृत हुए थे। मंगलवार को सुरजीत सिंह गुलेरिया के पैतृक गांव खैरियां में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। उन्होंने 1987 में बीएसएफ में असिस्टेंट कमांडेंट पद पर ज्वाइन किया था। मूलरूप से हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के देहरा तहसील के खैरियां गांव के रहने वाले गुलेरिया को इससे पहले उत्कृष्ट सेवा कार्यों के लिए 2008 में प्रेसिडेंट पुलिस मेडल फॉर मेरिटोरियल सर्विस और 2016 में प्रेसिडेंट पुलिस मेडल फॉर डिस्टिंग्विश सर्विस मिल चुके हैं। उन्हें प्रशिक्षण, ऑपरेशन और आपदा प्रबंधन में बेहतरीन कार्यों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से कई प्रशस्ति पत्र भी मिल चुके हैं। उन्होंने बीएसएफ में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। जम्मू कश्मीर में आतंकवाद के शुरुआती दौर में उन्होंने ड्यूटी की। पंजाब, राजस्थान और बंगाल सीमा पर महत्वपूर्ण योगदान देते हुए बंगाल बॉर्डर पर पशु तस्करी रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। गुलेरिया संयुक्त राष्ट्र (युनाइटेड नेशन) की पुलिस में भी कॉसबो में डेपुटेशन पर एक साल की सेवा दे चुके हैं। गुलेरिया को एनडीआरएफ की कोलकाता बटालियन और पटना बटालियन को स्थापित करने का भी श्रेय प्राप्त है। उन्होंने विभिन्न आपदाओं में एनडीआरएफ की तरफ से हिस्सा लिया था।
2017 में जैश के आतंकियों से लिया था लोहा :
23 अक्तूबर 2017 को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकियों ने श्रीनगर एयरपोर्ट के पास गोगोलैंड स्थित बीएसएफ कैंपस पर रात 3.45 बजे फिदायीन हमला कर दिया था। आतंकियों ने कैंपस की दीवार फांद कर एडमिन ब्लॉक, अधीनस्थ अधिकारी मेस और अधिकारी मेस में घुसने का प्रयास किया। आतंकी एडमिन ब्लॉक व अधीनस्थ अधिकारी मेस में घुसने में कामयाब हो गए थे। एक आतंकी ड्यूटी पर तैनात सीमा प्रहरी की गोलियों का शिकार हो गया था। आतंकियों ने रात को ग्रेनेड और गोलियों से कैंपस में अंधाधुंध फायरिंग की। आतंकियों के हमले को जवाब देने के लिए उस समय कश्मीर फ्रंटियर में डीआईजी (जी) सुरजीत सिंह गुलेरिया ने डीआईजी हरिलाल के साथ मिलकर जवानों के साथ कैंपस में मौजूद आतंकियों से लोहा लेते हुए उन्हें मार गिराया था। इस ऑपरेशन में एक अधीनस्थ अधिकारी शहीद हो गए थे, जबकि दो जवान घायल हुए थे। सुरजीत सिंह गुलेरिया के निधन पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, देहरा की विधायक कमलेश ठाकुर, जसवां परागपुर के विधायक बिक्रम ठाकुर, रविंद्र रवि और रमेश धवाला ने दुख व्यक्त किया है।
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