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Kangra News: कोसरी की प्रधान और पंच छह साल के लिए निलंबित
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Fri, 30 Jan 2026 05:31 AM IST
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कोसरी की प्रधान और पंच छह साल के लिए निलंबित
विकास कार्यों में अनियमितताओं पर जिला प्रशासन ने की कार्रवाई
सोलर लाइटों की स्थापना और मनरेगा कार्यों में मिली थीं अनियमितताएं
संवाद न्यूज एजेंसी
लंबागांव (कांगड़ा)। क्षेत्र की कोसरी पंचायत में सोलर लाइटें लगाने और मनरेगा मद से करवाए गए निर्माण में गंभीर अनियमितताओं के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। उपायुक्त कांगड़ा ने जांच में आरोप सिद्ध होने पर पंचायत प्रधान राजेशना कुमारी को तत्काल प्रभाव से पद से छह साल के लिए निलंबित कर दिया है, जबकि वार्ड नंबर 1 के सदस्य (पंच) चंद्रशेखर को भी छह साल के लिए निलंबित कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार कोसरी पंचायत के ग्रामीणों की ओर से की गई शिकायतों पर खंड विकास अधिकारी लंबागांव की ओर से प्रारंभिक जांच की गई थी। जांच में प्रथम दृष्टया में अनियमितताओं की पुष्टि होने पर उपायुक्त कार्यालय के आदेशों के तहत उपमंडलाधिकारी (नाॅ.) जयसिंहपुर को जांच अधिकारी नियुक्त किया था।
एसडीएम जयसिंहपुर की विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित पंचायत प्रतिनिधियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, लेकिन उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि पंचायत की ओर से हिम ऊर्जा विभाग से प्राप्त अनुदान के तहत खरीदी गई 10 सोलर लाइटों में से कुछ को स्वीकृत प्रस्तावों के अनुसार चिह्नित स्थानों पर स्थापित नहीं किया गया। कुछ सोलर लाइटें तय स्थान से काफी दूरी पर लगाई गईं, जबकि कुछ स्थानों पर लाइटें लगाई ही नहीं गईं। नियमों के विपरीत सोलर लाइटों को अस्थायी स्थानों पर स्थापित करने और प्रस्तावों की अवहेलना करने की पुष्टि हुई।
इसके अलावा मनरेगा मद से स्वीकृत डंगा और सुरक्षा दीवार के निर्माण कार्य में भी अनियमितताएं पाई गईं। जांच में स्पष्ट हुआ कि कार्य ग्राम पंचायत कोसरी के क्षेत्राधिकार से बाहर किया गया, जबकि न तो संबंधित ग्राम सभा की स्वीकृति ली गई और न ही संयुक्त निर्माण समिति का गठन किया गया। सामग्री की आपूर्ति और कार्य निष्पादन में भी नियमों की अनदेखी हुई, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि हुई।
उपायुक्त कांगड़ा हेम राज बैरवा ने हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज अधिनियम, 1994 की धारा 146(1)(ख) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए पंचायत प्रधान राजेशना कुमारी को पद से निलंबित कर दिया है। साथ ही वार्ड नंबर-1 के सदस्य चंद्रशेखर को भी छह वर्ष की अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है। ये भी निर्देश दिए गए हैं कि पंचायत की चल-अचल संपत्ति यदि संबंधित पदाधिकारियों के पास हो तो उसे तुरंत पंचायत सचिव को सौंपा जाए।
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सोलर लाइटों की स्थापना और मनरेगा कार्यों में मिली थीं अनियमितताएं
संवाद न्यूज एजेंसी
लंबागांव (कांगड़ा)। क्षेत्र की कोसरी पंचायत में सोलर लाइटें लगाने और मनरेगा मद से करवाए गए निर्माण में गंभीर अनियमितताओं के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। उपायुक्त कांगड़ा ने जांच में आरोप सिद्ध होने पर पंचायत प्रधान राजेशना कुमारी को तत्काल प्रभाव से पद से छह साल के लिए निलंबित कर दिया है, जबकि वार्ड नंबर 1 के सदस्य (पंच) चंद्रशेखर को भी छह साल के लिए निलंबित कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार कोसरी पंचायत के ग्रामीणों की ओर से की गई शिकायतों पर खंड विकास अधिकारी लंबागांव की ओर से प्रारंभिक जांच की गई थी। जांच में प्रथम दृष्टया में अनियमितताओं की पुष्टि होने पर उपायुक्त कार्यालय के आदेशों के तहत उपमंडलाधिकारी (नाॅ.) जयसिंहपुर को जांच अधिकारी नियुक्त किया था।
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एसडीएम जयसिंहपुर की विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित पंचायत प्रतिनिधियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए, लेकिन उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि पंचायत की ओर से हिम ऊर्जा विभाग से प्राप्त अनुदान के तहत खरीदी गई 10 सोलर लाइटों में से कुछ को स्वीकृत प्रस्तावों के अनुसार चिह्नित स्थानों पर स्थापित नहीं किया गया। कुछ सोलर लाइटें तय स्थान से काफी दूरी पर लगाई गईं, जबकि कुछ स्थानों पर लाइटें लगाई ही नहीं गईं। नियमों के विपरीत सोलर लाइटों को अस्थायी स्थानों पर स्थापित करने और प्रस्तावों की अवहेलना करने की पुष्टि हुई।
इसके अलावा मनरेगा मद से स्वीकृत डंगा और सुरक्षा दीवार के निर्माण कार्य में भी अनियमितताएं पाई गईं। जांच में स्पष्ट हुआ कि कार्य ग्राम पंचायत कोसरी के क्षेत्राधिकार से बाहर किया गया, जबकि न तो संबंधित ग्राम सभा की स्वीकृति ली गई और न ही संयुक्त निर्माण समिति का गठन किया गया। सामग्री की आपूर्ति और कार्य निष्पादन में भी नियमों की अनदेखी हुई, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि हुई।
उपायुक्त कांगड़ा हेम राज बैरवा ने हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज अधिनियम, 1994 की धारा 146(1)(ख) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए पंचायत प्रधान राजेशना कुमारी को पद से निलंबित कर दिया है। साथ ही वार्ड नंबर-1 के सदस्य चंद्रशेखर को भी छह वर्ष की अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है। ये भी निर्देश दिए गए हैं कि पंचायत की चल-अचल संपत्ति यदि संबंधित पदाधिकारियों के पास हो तो उसे तुरंत पंचायत सचिव को सौंपा जाए।