{"_id":"6a49662e55a4af5a8e0d3342","slug":"sea-buckthorn-products-become-a-favorite-among-the-people-of-dharamshala-kangra-news-c-95-1-kng1005-242918-2026-07-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: धर्मशाला के लोगों की पसंद बने सी बकथॉर्न उत्पाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: धर्मशाला के लोगों की पसंद बने सी बकथॉर्न उत्पाद
Mon, 06 Jul 2026 12:47 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 06 Jul 2026 12:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धर्मशाला। जिला मुख्यालय में शिमला के स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के सी बकथॉर्न उत्पादों की मांग बढ़ रही है। हाल ही में कचहरी कॉलेज मार्ग पर स्थित हिम ईरा दुकान पर ट्रायल के तौर पर सी बकथॉर्न की पांच पैकिंग बिक्री के लिए रखी गई थीं। इनमें से एक पैकिंग अलग और बाकी सभी पैकिंग एक साथ बिक गईं। समूह ने इसकी कीमत 700 रुपये निर्धारित की गई है।
इसके अलावा महिलाओं ने दुकान में रखे पुराने उत्पाद भी बदल दिए हैं। इनमें क्रीम, साबुन, शैंपू सहित करीब एक लाख रुपये मूल्य के उत्पाद शामिल थे। अब उनकी जगह साबुन, तेल, मोमबत्ती और अन्य नए उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए हैं।
हिम ईरा दुकान की संचालक लक्ष्मी ने बताया कि दुकान के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के घरेलू और हस्तशिल्प उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। दुकान में पालमपुर, धर्मशाला, भवारना, इंदौरा, फतेहपुर सहित विभिन्न विकास खंडों की महिलाओं के उत्पाद उपलब्ध हैं। पिछले एक वर्ष से शिमला के स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद भी यहां रखे जा रहे हैं। जिन उत्पादों की मांग अच्छी रही है, उनकी बिक्री लगातार हो रही है। कम मांग वाले उत्पाद वापस भेज दिए गए हैं। वर्तमान में शिमला के स्वयं सहायता समूहों के 15 से 20 हजार मूल्य के उत्पाद उपलब्ध हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके अलावा महिलाओं ने दुकान में रखे पुराने उत्पाद भी बदल दिए हैं। इनमें क्रीम, साबुन, शैंपू सहित करीब एक लाख रुपये मूल्य के उत्पाद शामिल थे। अब उनकी जगह साबुन, तेल, मोमबत्ती और अन्य नए उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए हैं।
विज्ञापन
हिम ईरा दुकान की संचालक लक्ष्मी ने बताया कि दुकान के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के घरेलू और हस्तशिल्प उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। दुकान में पालमपुर, धर्मशाला, भवारना, इंदौरा, फतेहपुर सहित विभिन्न विकास खंडों की महिलाओं के उत्पाद उपलब्ध हैं। पिछले एक वर्ष से शिमला के स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद भी यहां रखे जा रहे हैं। जिन उत्पादों की मांग अच्छी रही है, उनकी बिक्री लगातार हो रही है। कम मांग वाले उत्पाद वापस भेज दिए गए हैं। वर्तमान में शिमला के स्वयं सहायता समूहों के 15 से 20 हजार मूल्य के उत्पाद उपलब्ध हैं।
विज्ञापन