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Kangra News: महाड़ में मक्की की फसल पर फॉल आर्मी वर्म का हमला
Mon, 06 Jul 2026 12:48 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 06 Jul 2026 12:48 PM IST
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फॉल आर्मी वर्म। स्रोत : इंटरनेट
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शाहपुर (कांगड़ा)। क्यारी पंचायत के महाड़ गांव में मक्की की फसल पर फॉल आर्मी वर्म के हमले से किसानों को नुकसान का डर सताने लगा है। किसानों का कहना है कि वे पीढ़ियों से मक्की की खेती कर रहे हैं लेकिन इस तरह का कीट पहली बार देखा है। शुरुआत में फसल की पैदावार सामान्य रही लेकिन करीब डेढ़ सप्ताह से कीट ने तेजी से खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है।
प्रभावित किसानों में मदन लाल, उत्तम सिंह, राकेश कुमार, रवि कुमार, राज सिंह, जुगरी राम और प्रीतम चंद शामिल हैं। सूचना मिलने पर कृषि विभाग के विकास खंड रैत से कृषि विकास अधिकारी चारू शर्मा और कृषि प्रसार अधिकारी राहुल कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित खेतों का निरीक्षण कर किसानों को फॉल आर्मी वर्म की पहचान, रोकथाम और नियंत्रण के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी। साथ ही प्रभावित किसानों को आवश्यक दवा भी उपलब्ध करवाई।
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फसल चक्र अपनाने की दी सलाह
कृषि अधिकारियों ने किसानों को फसल चक्र अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि यदि किसी क्षेत्र में लगातार इस कीट का प्रकोप बना रहे तो वहां एक वर्ष तक मक्की के बजाय दालों या अन्य वैकल्पिक फसलों की खेती करें। इससे कीट का जीवन चक्र टूटेगा और उसका प्रकोप कम होगा। विभाग ने किसानों से नियमित रूप से फसलों की निगरानी करने और कहीं भी फॉल आर्मी वर्म दिखाई देने पर तुरंत कृषि विभाग से संपर्क करने की अपील की है ताकि समय रहते नियंत्रण उपाय अपनाकर फसल को अधिक नुकसान से बचाया जा सके।
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प्रभावित किसानों में मदन लाल, उत्तम सिंह, राकेश कुमार, रवि कुमार, राज सिंह, जुगरी राम और प्रीतम चंद शामिल हैं। सूचना मिलने पर कृषि विभाग के विकास खंड रैत से कृषि विकास अधिकारी चारू शर्मा और कृषि प्रसार अधिकारी राहुल कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित खेतों का निरीक्षण कर किसानों को फॉल आर्मी वर्म की पहचान, रोकथाम और नियंत्रण के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी। साथ ही प्रभावित किसानों को आवश्यक दवा भी उपलब्ध करवाई।
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फसल चक्र अपनाने की दी सलाह
कृषि अधिकारियों ने किसानों को फसल चक्र अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि यदि किसी क्षेत्र में लगातार इस कीट का प्रकोप बना रहे तो वहां एक वर्ष तक मक्की के बजाय दालों या अन्य वैकल्पिक फसलों की खेती करें। इससे कीट का जीवन चक्र टूटेगा और उसका प्रकोप कम होगा। विभाग ने किसानों से नियमित रूप से फसलों की निगरानी करने और कहीं भी फॉल आर्मी वर्म दिखाई देने पर तुरंत कृषि विभाग से संपर्क करने की अपील की है ताकि समय रहते नियंत्रण उपाय अपनाकर फसल को अधिक नुकसान से बचाया जा सके।
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फॉल आर्मी वर्म। स्रोत : इंटरनेट