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Kangra News: कचरे से धर्मकोट और भागसू में सीवरेज लाइन जाम
Tue, 04 Aug 2026 09:01 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 04 Aug 2026 09:01 AM IST
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भागसूनाग में सीवरेज लाइन में डाला गया छत्त का पानी। स्रोत : विभाग
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धर्मशाला। धर्मकोट और भागसूनाग क्षेत्र में सीवरेज व्यवस्था लापरवाही की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। कई होटलों, रेस्टोरेंटों और घरों के किचन से निकलने वाला खाद्य अपशिष्ट (किचन गार्बेज) सीधे सीवरेज लाइन में डाला जा रहा है। इसके अलावा बारिश के दौरान छतों से आने वाला पानी भी सीवरेज में डाल दिया गया है। इस कारण बरसात में सीवरेज लाइनें बार-बार जाम हो रही हैं और कई स्थानों पर ओवरफ्लो हो रही हैं।
होटल और रेस्तरां से निकलने वाला बचा हुआ भोजन, सब्जियों के अवशेष और अन्य ठोस कचरा सीवरेज लाइन में बहाए जाने के कारण पाइपलाइन में जम रहा है, जिससे पानी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो रहा है। सीवरेज का गंदा पानी सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर बहने लगा है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ यहां पहुंचने वाले पर्यटकों को भारी दुर्गंध और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है।
पर्यटकों की आवाजाही वाले इस प्रमुख क्षेत्र में सीवरेज ओवरफ्लो होने से पूरी स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जिससे पर्यटन की छवि पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इससे कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में यह समस्या और विकराल रूप धारण कर सकती है।
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उधर, जल शक्ति विभाग (सीवरेज विंग) की एसडीओ सुमन भाटिया ने बताया कि धर्मकोट और भागसूनाग क्षेत्र में बारिश के दौरान ओवरफ्लो और लाइन जाम होने की सबसे ज्यादा शिकायतें आ रही हैं। सीवरेज में ठोस कचरा डालने से पाइपलाइन की क्षमता घटती है, जिससे रखरखाव का खर्च बढ़ता है और सीवरेज व्यवस्था बार-बार बाधित होती है।
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होटल और रेस्तरां से निकलने वाला बचा हुआ भोजन, सब्जियों के अवशेष और अन्य ठोस कचरा सीवरेज लाइन में बहाए जाने के कारण पाइपलाइन में जम रहा है, जिससे पानी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो रहा है। सीवरेज का गंदा पानी सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर बहने लगा है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ यहां पहुंचने वाले पर्यटकों को भारी दुर्गंध और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है।
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पर्यटकों की आवाजाही वाले इस प्रमुख क्षेत्र में सीवरेज ओवरफ्लो होने से पूरी स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जिससे पर्यटन की छवि पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इससे कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में यह समस्या और विकराल रूप धारण कर सकती है।
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उधर, जल शक्ति विभाग (सीवरेज विंग) की एसडीओ सुमन भाटिया ने बताया कि धर्मकोट और भागसूनाग क्षेत्र में बारिश के दौरान ओवरफ्लो और लाइन जाम होने की सबसे ज्यादा शिकायतें आ रही हैं। सीवरेज में ठोस कचरा डालने से पाइपलाइन की क्षमता घटती है, जिससे रखरखाव का खर्च बढ़ता है और सीवरेज व्यवस्था बार-बार बाधित होती है।