{"_id":"6a5f737a7d9600395c0f01bb","slug":"the-225-lakh-taken-from-the-female-forest-guard-must-now-be-returned-with-9-interest-kangra-news-c-95-1-kng1004-246025-2026-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: महिला वन रक्षक से लिए 2.25 लाख अब नौ फीसदी ब्याज संग लौटाने होंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: महिला वन रक्षक से लिए 2.25 लाख अब नौ फीसदी ब्याज संग लौटाने होंगे
Wed, 22 Jul 2026 06:55 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 22 Jul 2026 06:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धर्मशाला। महिला वन रक्षक से पिता की बीमारी का बहाना बनाकर 2.25 लाख रुपये लेने और बाद में मुकरने पर अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश डॉ. हकीकत ढांडा की अदालत ने महिला वन रक्षक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए प्रतिवादी को नौ फीसदी वार्षिक साधारण ब्याज के साथ पूरी राशि लौटाने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा मुकदमे का पूरा खर्च भी प्रतिवादी को ही वहन करना होगा।
महिला वन रक्षक ने अदालत को बताया कि वर्ष 2021 में शाहपुर क्षेत्र में तैनाती के दौरान उसकी प्रतिवादी से पहचान हुई थी। प्रतिवादी ने अपने पिता के इलाज का हवाला देकर आर्थिक मदद मांगी। इस पर महिला ने 18 मार्च 2021 को 1.90 लाख का चेक, 11 हजार रुपये नकद और बाद में 24 हजार रुपये दिए थे। मई 2021 तक पैसे लौटाने का वादा करने के बाद प्रतिवादी टालमटोल करने लगा और अंततः इन्कार कर दिया।
अदालत में प्रतिवादी ने दावा किया कि उसने कोई उधार नहीं लिया था, बल्कि महिला ने पुरानी देनदारी चुकाने के लिए चेक दिया था। हालांकि सुनवाई के दौरान महिला द्वारा पेश बैंक रिकॉर्ड ने प्रतिवादी के दावों की पोल खोल दी। बैंक खाते के ब्योरे से साबित हुआ कि 1.90 लाख का चेक और ऑनलाइन माध्यम से भेजी गई अन्य राशि प्रतिवादी के खाते में जमा हुई थी।
विज्ञापन
अदालत ने टिप्पणी की कि प्रतिवादी अपनी पुरानी देनदारी के दावे का कोई लिखित प्रमाण पेश नहीं कर सका। बैंक रिकॉर्ड से लेनदेन स्पष्ट सिद्ध होने पर अदालत ने वादी का दावा स्वीकार करते हुए मुकदमे की तारीख से नौ फीसदी ब्याज सहित पूरी रकम और कानूनी खर्च चुकाने के निर्देश जारी किए।
विज्ञापन
महिला वन रक्षक ने अदालत को बताया कि वर्ष 2021 में शाहपुर क्षेत्र में तैनाती के दौरान उसकी प्रतिवादी से पहचान हुई थी। प्रतिवादी ने अपने पिता के इलाज का हवाला देकर आर्थिक मदद मांगी। इस पर महिला ने 18 मार्च 2021 को 1.90 लाख का चेक, 11 हजार रुपये नकद और बाद में 24 हजार रुपये दिए थे। मई 2021 तक पैसे लौटाने का वादा करने के बाद प्रतिवादी टालमटोल करने लगा और अंततः इन्कार कर दिया।
विज्ञापन
अदालत में प्रतिवादी ने दावा किया कि उसने कोई उधार नहीं लिया था, बल्कि महिला ने पुरानी देनदारी चुकाने के लिए चेक दिया था। हालांकि सुनवाई के दौरान महिला द्वारा पेश बैंक रिकॉर्ड ने प्रतिवादी के दावों की पोल खोल दी। बैंक खाते के ब्योरे से साबित हुआ कि 1.90 लाख का चेक और ऑनलाइन माध्यम से भेजी गई अन्य राशि प्रतिवादी के खाते में जमा हुई थी।
विज्ञापन
अदालत ने टिप्पणी की कि प्रतिवादी अपनी पुरानी देनदारी के दावे का कोई लिखित प्रमाण पेश नहीं कर सका। बैंक रिकॉर्ड से लेनदेन स्पष्ट सिद्ध होने पर अदालत ने वादी का दावा स्वीकार करते हुए मुकदमे की तारीख से नौ फीसदी ब्याज सहित पूरी रकम और कानूनी खर्च चुकाने के निर्देश जारी किए।