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Kangra News: बारकोड से खुलेगी शराब की बोतल की पूरी कुंडली
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 29 Apr 2026 07:07 AM IST
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धर्मशाला। शराब के शौकीनों के लिए अब बोतल की असलियत परखना आसान हो जाएगा। राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अब शराब की हर बोतल पर बारकोड या क्यूआर कोड अंकित करना अनिवार्य कर दिया है। पहले यह कोड केवल पेटियों (डिब्बों) पर ही उपलब्ध होता था, लेकिन अब ग्राहक सीधे बोतल को स्कैन कर उसकी पूरी जानकारी हासिल कर सकेंगे।
बोतल पर अंकित इस कोड को मोबाइल से स्कैन करते ही ब्रांड का नाम, बैच नंबर, निर्माण तिथि, उत्पादन इकाई का स्थान और सरकार द्वारा निर्धारित सही मूल्य की जानकारी तुरंत मिल जाएगी। इस कदम से न केवल उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत होगा, बल्कि बाजार में बिकने वाली अवैध और मिलावटी शराब के कारोबार पर भी लगाम लगेगी।
ग्राहक अब बिना किसी संदेह के उत्पाद की गुणवत्ता और उसकी प्रमाणिकता की जांच कर पाएंगे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस व्यवस्था से हर बोतल की ट्रैकिंग संभव होगी। इससे सप्लाई चेन की निगरानी आसान हो जाएगी और कहीं भी गड़बड़ी पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।
बारकोड या क्यूआर कोड स्कैन करने की सुविधा अगले 10 दिनों के भीतर शुरू हो जाएगी। हर बोतल की ट्रैकिंग संभव होने से सप्लाई चेन की निगरानी आसान होगी और किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -प्रेम सिंह कैथ, उप-आयुक्त, राज्य कर एवं आबकारी विभाग
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बोतल पर अंकित इस कोड को मोबाइल से स्कैन करते ही ब्रांड का नाम, बैच नंबर, निर्माण तिथि, उत्पादन इकाई का स्थान और सरकार द्वारा निर्धारित सही मूल्य की जानकारी तुरंत मिल जाएगी। इस कदम से न केवल उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत होगा, बल्कि बाजार में बिकने वाली अवैध और मिलावटी शराब के कारोबार पर भी लगाम लगेगी।
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ग्राहक अब बिना किसी संदेह के उत्पाद की गुणवत्ता और उसकी प्रमाणिकता की जांच कर पाएंगे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस व्यवस्था से हर बोतल की ट्रैकिंग संभव होगी। इससे सप्लाई चेन की निगरानी आसान हो जाएगी और कहीं भी गड़बड़ी पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।
बारकोड या क्यूआर कोड स्कैन करने की सुविधा अगले 10 दिनों के भीतर शुरू हो जाएगी। हर बोतल की ट्रैकिंग संभव होने से सप्लाई चेन की निगरानी आसान होगी और किसी भी गड़बड़ी पर तुरंत सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -प्रेम सिंह कैथ, उप-आयुक्त, राज्य कर एवं आबकारी विभाग

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