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Kangra News: कामगारों के बच्चों की संवर रही तकदीर
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-पहली कक्षा से लेकर पीएचडी तक के लिए 8400 से एक लाख 20 हजार रुपये तक की दी जा रही सहायता
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अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाएं कामगारों के बच्चों का जीवन बदलकर भविष्य को सुरक्षित कर रही हैं। बाल श्रमिक विद्या योजना और हिमाचल प्रदेश की शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता योजना जैसी पहलों के माध्यम से पहली कक्षा से लेकर पीएचडी तक के लिए 8400 से एक लाख 20 हजार रुपये तक की सहायता दी जा रही है।
इसी कड़ी में कांगड़ा जिला में तीन वर्षों में 1927 कामगारों के नौनिहालों को कामगार कल्याण बोर्ड की ओर से तीन करोड़ 49 लाख की वित्तीय सहायता मुहैया करवाई गई है। थुरल से कामगार अनूप रानी को दो बेटों की पढ़ाई के लिए 84 हजार की वित्तीय मदद मिली है। एक बेटा आयुष राणा बी फार्मेसी तथा दूसरा बेटा पीयूष राणा डी फार्मेसी कर रहा है।
मीनाक्षी देवी को दो बेटियों की पढ़ाई के लिए 72 हजार की वित्तीय मदद मिली है। दोनों बेटियां खुशबू और मुस्कान स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं। नगरोटा की रजनी देवी के बेटा और बेटी को 72 हजार की वित्तीय मदद दी गई है। बेटा सक्षम चौधरी बीएससी कंप्यूटर साइंस तथा बेटी सुहानी स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं।
उधर, श्रम कल्याण अधिकारी लोकेश ने बताया कि ऐसे व्यक्ति जो मिस्त्री, पेंटर, प्लंबर, वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन, कारपेंटर, मजदूर व हेल्पर आदि कामगार की श्रेणी में आते हैं वे इस योजना के तहत पात्र हैं। वहीं, कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
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अमर उजाला ब्यूरो
धर्मशाला। प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाएं कामगारों के बच्चों का जीवन बदलकर भविष्य को सुरक्षित कर रही हैं। बाल श्रमिक विद्या योजना और हिमाचल प्रदेश की शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता योजना जैसी पहलों के माध्यम से पहली कक्षा से लेकर पीएचडी तक के लिए 8400 से एक लाख 20 हजार रुपये तक की सहायता दी जा रही है।
इसी कड़ी में कांगड़ा जिला में तीन वर्षों में 1927 कामगारों के नौनिहालों को कामगार कल्याण बोर्ड की ओर से तीन करोड़ 49 लाख की वित्तीय सहायता मुहैया करवाई गई है। थुरल से कामगार अनूप रानी को दो बेटों की पढ़ाई के लिए 84 हजार की वित्तीय मदद मिली है। एक बेटा आयुष राणा बी फार्मेसी तथा दूसरा बेटा पीयूष राणा डी फार्मेसी कर रहा है।
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मीनाक्षी देवी को दो बेटियों की पढ़ाई के लिए 72 हजार की वित्तीय मदद मिली है। दोनों बेटियां खुशबू और मुस्कान स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं। नगरोटा की रजनी देवी के बेटा और बेटी को 72 हजार की वित्तीय मदद दी गई है। बेटा सक्षम चौधरी बीएससी कंप्यूटर साइंस तथा बेटी सुहानी स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं।
उधर, श्रम कल्याण अधिकारी लोकेश ने बताया कि ऐसे व्यक्ति जो मिस्त्री, पेंटर, प्लंबर, वेल्डर, इलेक्ट्रीशियन, कारपेंटर, मजदूर व हेल्पर आदि कामगार की श्रेणी में आते हैं वे इस योजना के तहत पात्र हैं। वहीं, कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।