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Kangra News: जमानत पर आकर फिर करते थे तस्करी, दो आरोपी तीन महीने के लिए भेजे जेल
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 26 Jan 2026 08:05 AM IST
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धर्मशाला। जिला कांगड़ा में नशे के काले कारोबार को जड़ से मिटाने के लिए पुलिस ने अब पीआईटी एनडीपीएस एक्ट का सख्ती के साथ इस्तेमाल शुरू कर दिया है। पुलिस ने धर्मशाला और पालमपुर के दो ऐसे तस्करों को चिह्नित कर तीन महीने के लिए निवारक हिरासत में भेज दिया है, जो बार-बार जेल जाने और जमानत पर छूटने के बाद भी नशा तस्करी से बाज नहीं आ रहे थे।
पुलिस प्रशासन ने दोनों तस्करों को समाज के लिए खतरा मानते हुए सलाखों के पीछे भेजा है। इसमें एक धर्मशाला के सिविल बाजार निवासी मोहित कुमार उर्फ बुल्ली है। आरोपी पर धर्मशाला और शाहपुर थानों में चार मामले दर्ज हैं। इसके पास से चरस और हेरोइन (चिट्टा) जैसी भारी मात्रा में खेप पकड़ी जा चुकी है। वहीं, अमित मल्होत्रा निवासी घुघर (पालमपुर) के खिलाफ पालमपुर थाने में तीन मामले दर्ज हैं। यह क्षेत्र में चिट्टा और प्रतिबंधित नशीली दवाओं की सप्लाई के नेटवर्क को संचालित कर रहा था।
अक्सर देखा जाता है कि तस्कर कोर्ट से जमानत मिलने के बाद फिर से अपने पुराने धंधे में लग जाते हैं। इसी लूपहोल को बंद करने के लिए कांगड़ा पुलिस ने दिसंबर 2025 में एक विशेष प्रस्ताव तैयार किया था। सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी मिलते ही इन दोनों को हिरासत में लेकर जिला कारागार धर्मशाला में बंद कर दिया गया है।
ये हैं कार्रवाई के मायने
यह कार्रवाई उन तस्करों के लिए सीधा संदेश है जो कानून की ढील का फायदा उठाते हैं। पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोपी को बिना किसी नए अपराध के भी केवल उसके पुराने रिकॉर्ड और भविष्य के खतरे को देखते हुए जेल भेजा जा सकता है। शुरुआती तीन महीने की इस सजा को समीक्षा के बाद और आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
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हमने उन अपराधियों की सूची तैयार की है जो बार-बार नशा तस्करी के मामलों में पकड़े जाते हैं। मोहित और अमित की गतिविधियां समाज के लिए अत्यंत घातक थीं। अब नशा माफिया के खिलाफ केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि इस तरह की निवारक हिरासत की कार्रवाई भी निरंतर जारी रहेगी। -अशोक रत्न, पुलिस अधीक्षक, कांगड़ा
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पुलिस प्रशासन ने दोनों तस्करों को समाज के लिए खतरा मानते हुए सलाखों के पीछे भेजा है। इसमें एक धर्मशाला के सिविल बाजार निवासी मोहित कुमार उर्फ बुल्ली है। आरोपी पर धर्मशाला और शाहपुर थानों में चार मामले दर्ज हैं। इसके पास से चरस और हेरोइन (चिट्टा) जैसी भारी मात्रा में खेप पकड़ी जा चुकी है। वहीं, अमित मल्होत्रा निवासी घुघर (पालमपुर) के खिलाफ पालमपुर थाने में तीन मामले दर्ज हैं। यह क्षेत्र में चिट्टा और प्रतिबंधित नशीली दवाओं की सप्लाई के नेटवर्क को संचालित कर रहा था।
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अक्सर देखा जाता है कि तस्कर कोर्ट से जमानत मिलने के बाद फिर से अपने पुराने धंधे में लग जाते हैं। इसी लूपहोल को बंद करने के लिए कांगड़ा पुलिस ने दिसंबर 2025 में एक विशेष प्रस्ताव तैयार किया था। सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी मिलते ही इन दोनों को हिरासत में लेकर जिला कारागार धर्मशाला में बंद कर दिया गया है।
ये हैं कार्रवाई के मायने
यह कार्रवाई उन तस्करों के लिए सीधा संदेश है जो कानून की ढील का फायदा उठाते हैं। पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोपी को बिना किसी नए अपराध के भी केवल उसके पुराने रिकॉर्ड और भविष्य के खतरे को देखते हुए जेल भेजा जा सकता है। शुरुआती तीन महीने की इस सजा को समीक्षा के बाद और आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
हमने उन अपराधियों की सूची तैयार की है जो बार-बार नशा तस्करी के मामलों में पकड़े जाते हैं। मोहित और अमित की गतिविधियां समाज के लिए अत्यंत घातक थीं। अब नशा माफिया के खिलाफ केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि इस तरह की निवारक हिरासत की कार्रवाई भी निरंतर जारी रहेगी। -अशोक रत्न, पुलिस अधीक्षक, कांगड़ा