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Kangra News: गर्म पानी से झुलसी ढाई साल की बच्ची की अस्पताल में मौत
Thu, 16 Jul 2026 07:50 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 16 Jul 2026 07:50 AM IST
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धर्मशाला। गर्म पानी से झुलने के बाद पालमपुर के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन एक ढाई वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर मामले की जांच की, लेकिन परिजनों ने किसी भी व्यक्ति पर कोई संदेह जताने या किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई करवाने से इन्कार कर दिया है।
पुलिस के अनुसार गश्त के दौरान टीम को अस्पताल के बाहर कुछ लोग रोते-बिलखते मिले। पूछताछ में पता चला कि बैजनाथ क्षेत्र की ढाई वर्ष की बच्ची को उपचार के लिए यहां लाया गया था, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि 4-5 दिन दिन पहले घर में गर्म पानी की बाल्टी से बच्ची का हाथ झुलस गया था, जिसके बाद उसे इस निजी अस्पताल लाया गया। यहां करीब 3-4 घंटे इलाज चलने के बाद उसने दम तोड़ दिया।
अस्पताल प्रबंधन के रिकॉर्ड के अनुसार चिकित्सकों ने बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया था, लेकिन परिजनों ने टांडा जाने से मना कर दिया और बच्ची का देसी उपचार कराने की इच्छा जताई थी।
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चिकित्सकीय रिकॉर्ड में यह भी उल्लेख है कि बच्ची पहले से ही किडनी की गंभीर बीमारी (किडनी फेल होने) से पीड़ित थी, जिसे मृत्यु का मुख्य कारण माना जा रहा है। एएसपी कांगड़ा बीर बहादुर ने बताया कि परिजनों द्वारा कोई शिकायत या संदेह दर्ज न कराने के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया है। भविष्य में कोई नए तथ्य सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस के अनुसार गश्त के दौरान टीम को अस्पताल के बाहर कुछ लोग रोते-बिलखते मिले। पूछताछ में पता चला कि बैजनाथ क्षेत्र की ढाई वर्ष की बच्ची को उपचार के लिए यहां लाया गया था, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि 4-5 दिन दिन पहले घर में गर्म पानी की बाल्टी से बच्ची का हाथ झुलस गया था, जिसके बाद उसे इस निजी अस्पताल लाया गया। यहां करीब 3-4 घंटे इलाज चलने के बाद उसने दम तोड़ दिया।
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अस्पताल प्रबंधन के रिकॉर्ड के अनुसार चिकित्सकों ने बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया था, लेकिन परिजनों ने टांडा जाने से मना कर दिया और बच्ची का देसी उपचार कराने की इच्छा जताई थी।
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चिकित्सकीय रिकॉर्ड में यह भी उल्लेख है कि बच्ची पहले से ही किडनी की गंभीर बीमारी (किडनी फेल होने) से पीड़ित थी, जिसे मृत्यु का मुख्य कारण माना जा रहा है। एएसपी कांगड़ा बीर बहादुर ने बताया कि परिजनों द्वारा कोई शिकायत या संदेह दर्ज न कराने के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया है। भविष्य में कोई नए तथ्य सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।