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Kangra News: 12 साल पुराने जमीन सौदे में वादी के पक्ष में फैसला, लौटाने होंगे पांच लाख
Wed, 19 Aug 2026 07:44 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 19 Aug 2026 07:44 AM IST
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धर्मशाला। वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश धर्मशाला डॉ. हकीकत ढांडा की अदालत ने करीब 12 साल पुराने जमीन बिक्री समझौते के मामले में वादी के पक्ष में फैसला सुनाया है। अदालत ने प्रतिवादी को 5 लाख रुपये की मूल राशि लौटाने के साथ ही अगस्त 2014 से पूरी अदायगी तक 9 फीसदी सालाना साधारण ब्याज और मुकदमे का खर्च देने का आदेश दिया है।
मामले के अनुसार अगस्त 2012 में धर्मशाला निवासी वादी और प्रतिवादी के बीच 0-03-84 हेक्टेयर भूमि का पांच लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। वादी ने पूरी राशि अग्रिम देकर 11 माह में रजिस्ट्री करवाने पर सहमति बनाई थी। समझौते के तहत रजिस्ट्री न होने पर दोगुनी राशि (10 लाख रुपये) लौटाने की शर्त थी।
मई 2013 और जुलाई 2014 में कानूनी नोटिस भेजने के बाद भी जब रजिस्ट्री नहीं हुई तो मामला अदालत पहुंचा। प्रतिवादी ने समझौते और रकम लेने से इन्कार करते हुए दस्तावेज को फर्जी बताया था। अदालत में सुनवाई के दौरान वादी ने दस्तावेज लेखक और पीएनबी अधिकारी सहित तीन गवाह पेश किए। बैंक रिकॉर्ड से जनवरी और फरवरी 2012 में वादी के खाते से प्रतिवादी के खाते में रकम ट्रांसफर होने की पुष्टि हुई। सभी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने वादी के पक्ष में फैसला सुनाया।
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मामले के अनुसार अगस्त 2012 में धर्मशाला निवासी वादी और प्रतिवादी के बीच 0-03-84 हेक्टेयर भूमि का पांच लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। वादी ने पूरी राशि अग्रिम देकर 11 माह में रजिस्ट्री करवाने पर सहमति बनाई थी। समझौते के तहत रजिस्ट्री न होने पर दोगुनी राशि (10 लाख रुपये) लौटाने की शर्त थी।
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मई 2013 और जुलाई 2014 में कानूनी नोटिस भेजने के बाद भी जब रजिस्ट्री नहीं हुई तो मामला अदालत पहुंचा। प्रतिवादी ने समझौते और रकम लेने से इन्कार करते हुए दस्तावेज को फर्जी बताया था। अदालत में सुनवाई के दौरान वादी ने दस्तावेज लेखक और पीएनबी अधिकारी सहित तीन गवाह पेश किए। बैंक रिकॉर्ड से जनवरी और फरवरी 2012 में वादी के खाते से प्रतिवादी के खाते में रकम ट्रांसफर होने की पुष्टि हुई। सभी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने वादी के पक्ष में फैसला सुनाया।
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