{"_id":"69c3e14db537d568f90328f2","slug":"ward-boys-in-tanda-go-on-indefinite-strike-disrupting-health-services-kangra-news-c-95-1-kng1037-226061-2026-03-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए टांडा के वार्ड बॉयज, स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए टांडा के वार्ड बॉयज, स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 26 Mar 2026 06:50 AM IST
विज्ञापन
टांडा में प्रशासनिक ब्लॉक के बाहर मांगों को लेकर एकत्रित वार्ड बॉय। -संवाद
विज्ञापन
टांडा (कांगड़ा)। डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा (टीएमसी) में बुधवार को वार्ड बॉयज ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। पिछले एक माह से वेतन न मिलने से नाराज आउटसोर्स कर्मचारियों ने काम बंद का ऐलान कर दिया है, जिससे अस्पताल की दैनिक सेवाएं ठप पड़ गई हैं।
इस हड़ताल का सबसे बुरा असर आईसीयू और आपातकालीन वार्डों में देखने को मिल रहा है, जहां मरीजों की सहायक देखभाल और निगरानी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हड़ताली कर्मचारियों ने दो-टूक शब्दों में कहा है कि जब तक उनके वेतन का भुगतान नहीं होता, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। हड़ताली कर्मचारियों ने प्रशासनिक ब्लॉक के मुख्य द्वार पर मांग को लेकर नारेबाजी भी की।
हड़ताल के कारण अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था सहित मरीजों को शिफ्ट करने और अन्य सहायक सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। इससे टांडा जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में भर्ती मरीजों की मुश्किलों को दोगुना कर दिया है। बता दें कि टांडा मेडिकल कॉलेज में पांच जिलों के मरीज स्वास्थ्य सेवाएं का लाभ लेने के लिए आते हैं। स्वास्थ्य सेवाएं के लिए कांगड़ा सहित चंबा, ऊना, मंडी और हमीरपुर के लोग टांडा पर निर्भर हैं।
इस मामले में आउटसोर्स कंपनी के संचालक सुशील ने दावा किया कि कंपनी की ओर से पिछले माह का वेतन वितरित किया गया था। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह भुगतान पूर्ण था या केवल आंशिक। जब उनसे वर्तमान स्थिति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि कंपनी ने अपने स्तर पर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की है।
वेतन के मुद्दे को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है और शिमला स्थित उच्च अधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया गया है। हम कर्मचारियों की समस्या को समझते हैं और शीघ्र समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं ताकि अस्पताल की सेवाएं जल्द सामान्य हो सकें। -डॉ. मिलाप शर्मा, प्राचार्य, टीएमसी
Trending Videos
इस हड़ताल का सबसे बुरा असर आईसीयू और आपातकालीन वार्डों में देखने को मिल रहा है, जहां मरीजों की सहायक देखभाल और निगरानी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हड़ताली कर्मचारियों ने दो-टूक शब्दों में कहा है कि जब तक उनके वेतन का भुगतान नहीं होता, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। हड़ताली कर्मचारियों ने प्रशासनिक ब्लॉक के मुख्य द्वार पर मांग को लेकर नारेबाजी भी की।
विज्ञापन
विज्ञापन
हड़ताल के कारण अस्पताल परिसर में सफाई व्यवस्था सहित मरीजों को शिफ्ट करने और अन्य सहायक सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। इससे टांडा जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में भर्ती मरीजों की मुश्किलों को दोगुना कर दिया है। बता दें कि टांडा मेडिकल कॉलेज में पांच जिलों के मरीज स्वास्थ्य सेवाएं का लाभ लेने के लिए आते हैं। स्वास्थ्य सेवाएं के लिए कांगड़ा सहित चंबा, ऊना, मंडी और हमीरपुर के लोग टांडा पर निर्भर हैं।
इस मामले में आउटसोर्स कंपनी के संचालक सुशील ने दावा किया कि कंपनी की ओर से पिछले माह का वेतन वितरित किया गया था। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह भुगतान पूर्ण था या केवल आंशिक। जब उनसे वर्तमान स्थिति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि कंपनी ने अपने स्तर पर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की है।
वेतन के मुद्दे को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है और शिमला स्थित उच्च अधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत करा दिया गया है। हम कर्मचारियों की समस्या को समझते हैं और शीघ्र समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं ताकि अस्पताल की सेवाएं जल्द सामान्य हो सकें। -डॉ. मिलाप शर्मा, प्राचार्य, टीएमसी