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विद्युत बोर्ड को घाटे में दिखाना सरकार और प्रबंधन की नाकामी : पेंशनर फोरम
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 26 Mar 2026 07:46 AM IST
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कांगड़ा। विद्युत पेंशनर फोरम जिला कांगड़ा की बैठक बुधवार को आरआर राणा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में प्रदेश सरकार द्वारा प्रथम और द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन में तीन फीसदी कटौती के आदेश को तुरंत प्रभाव से निरस्त करने की पुरजोर मांग उठाई गई। साथ ही कहा कि विद्युत बोर्ड को घाटे में दिखाना सरकार और प्रबंधन की नाकामी है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए आरआर राणा ने कहा कि राजनीतिक पार्टियां सत्ता पाने के लिए जनता को फ्री बिजली का प्रलोभन देती हैं, जिसका खामियाजा पढ़े-लिखे बेरोजगारों, कर्मचारियों और पेंशनरों को भुगतना पड़ रहा है। यदि सरकार को फ्री बिजली देनी है तो वह अपने खजाने से दे न कि बोर्ड को घाटे में धकेलकर।
फोरम ने मांग की कि जल शक्ति, स्वास्थ्य और लोक निर्माण जैसे सरकारी विभागों के पास लंबित 495 करोड़ रुपये की बिजली बिल राशि तुरंत जमा करवाई जाए। उन्होंने बोर्ड प्रबंधन को चेतावनी दी कि यदि विभाग पैसा नहीं देते, तो उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। फोरम के राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष रजनीश धीमान और अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को अभी तक संशोधित लीव एनकैशमेंट और ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं हुआ है। फोरम ने कहा कि तुरंत स्थायी भर्तियां की जाएं और लंबित देनदारियां का भुगतान किया जाए अन्यथा प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए आरआर राणा ने कहा कि राजनीतिक पार्टियां सत्ता पाने के लिए जनता को फ्री बिजली का प्रलोभन देती हैं, जिसका खामियाजा पढ़े-लिखे बेरोजगारों, कर्मचारियों और पेंशनरों को भुगतना पड़ रहा है। यदि सरकार को फ्री बिजली देनी है तो वह अपने खजाने से दे न कि बोर्ड को घाटे में धकेलकर।
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फोरम ने मांग की कि जल शक्ति, स्वास्थ्य और लोक निर्माण जैसे सरकारी विभागों के पास लंबित 495 करोड़ रुपये की बिजली बिल राशि तुरंत जमा करवाई जाए। उन्होंने बोर्ड प्रबंधन को चेतावनी दी कि यदि विभाग पैसा नहीं देते, तो उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। फोरम के राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष रजनीश धीमान और अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को अभी तक संशोधित लीव एनकैशमेंट और ग्रेच्युटी का भुगतान नहीं हुआ है। फोरम ने कहा कि तुरंत स्थायी भर्तियां की जाएं और लंबित देनदारियां का भुगतान किया जाए अन्यथा प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।