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Kangra News: एग्रीस्टैक पर पंजीकरण के बिना नहीं मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 17 Mar 2026 01:59 AM IST
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देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। जिला प्रशासन ने कांगड़ा के सभी भू-मालिकों और किसानों के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य कर दिया है। उपायुक्त कांगड़ा ने जिले के सभी 18 खंड विकास अधिकारियों को निर्देश जारी कर 31 मार्च तक शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा है। इस पोर्टल पर पंजीकरण के बाद ही किसानों को भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में कृषि विभाग की सभी योजनाओं का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनके पास एग्रीस्टैक की विशिष्ट पहचान संख्या होगी। विशेष रूप से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत मिलने वाली सालाना 6000 रुपये की सहायता राशि के लिए यह पंजीकरण अनिवार्य है। यदि 31 मार्च तक पंजीकरण नहीं हुआ, तो आगामी किस्तों का भुगतान रुक सकता है।
किसानों की सुविधा के लिए यह प्रक्रिया नजदीकी लोक मित्र केंद्र पर निशुल्क उपलब्ध है। पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और भूमि का खसरा नंबर जरूरी हैं।
एक क्लिक पर जुड़ जाएगा सारा रिकॉर्ड
पोर्टल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि किसान की किसी एक भूमि का खसरा नंबर दर्ज करते ही, उसके नाम पर दर्ज जिले की अन्य सभी जमीनों का रिकॉर्ड स्वतः ही लिंक हो जाएगा। बीडीओ परागपुर अशोक कुमार ने बताया कि पंचायत सचिवों के माध्यम से गांवों में व्यापक प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया गया है ताकि समय रहते लक्ष्य पूरा किया जा सके।
भूमि मालिकों को जागरूक करने के निर्देश
उपायुक्त कार्यालय से जारी पत्र के अनुसार बैजनाथ, पंचरुखी, पालमपुर, भवारना, लंबागांव, भेड़ू महादेव, धर्मशाला, नगरोटा बगवां, कांगड़ा, देहरा, परागपुर, नूरपुर, रैत, ज्वाली, फतेहपुर, इंदौरा, बडोह और सुरानी के खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में किसानों और भू-मालिकों को इस प्रक्रिया के बारे में जागरूक करें। इसके लिए ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिवों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है।
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प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में कृषि विभाग की सभी योजनाओं का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनके पास एग्रीस्टैक की विशिष्ट पहचान संख्या होगी। विशेष रूप से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत मिलने वाली सालाना 6000 रुपये की सहायता राशि के लिए यह पंजीकरण अनिवार्य है। यदि 31 मार्च तक पंजीकरण नहीं हुआ, तो आगामी किस्तों का भुगतान रुक सकता है।
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किसानों की सुविधा के लिए यह प्रक्रिया नजदीकी लोक मित्र केंद्र पर निशुल्क उपलब्ध है। पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और भूमि का खसरा नंबर जरूरी हैं।
एक क्लिक पर जुड़ जाएगा सारा रिकॉर्ड
पोर्टल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि किसान की किसी एक भूमि का खसरा नंबर दर्ज करते ही, उसके नाम पर दर्ज जिले की अन्य सभी जमीनों का रिकॉर्ड स्वतः ही लिंक हो जाएगा। बीडीओ परागपुर अशोक कुमार ने बताया कि पंचायत सचिवों के माध्यम से गांवों में व्यापक प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया गया है ताकि समय रहते लक्ष्य पूरा किया जा सके।
भूमि मालिकों को जागरूक करने के निर्देश
उपायुक्त कार्यालय से जारी पत्र के अनुसार बैजनाथ, पंचरुखी, पालमपुर, भवारना, लंबागांव, भेड़ू महादेव, धर्मशाला, नगरोटा बगवां, कांगड़ा, देहरा, परागपुर, नूरपुर, रैत, ज्वाली, फतेहपुर, इंदौरा, बडोह और सुरानी के खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में किसानों और भू-मालिकों को इस प्रक्रिया के बारे में जागरूक करें। इसके लिए ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिवों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है।