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विश्व फोटोग्राफी दिवस :::::: रोल से रील तक... कैमरे की दुनिया बदली, तस्वीरों का जुनून बरकरार
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मैक्लोडगंज के भागसूनाग की पुरानी तस्वीर। स्रोत: सोशल मीडिया
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धर्मशाला। एक समय था जब तस्वीर खींचने के लिए कैमरा, रोल और स्टूडियो की जरूरत होती थी। तस्वीर खिंचवाना किसी खास मौके का हिस्सा माना जाता था। फोटोग्राफर का कैमरा लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र होता था। अब समय बदल गया है। अधिकतर मौकों पर प्रोफेशनल कैमरे की जगह मोबाइल फोन ने ले ली है। एक क्लिक में तस्वीर दुनिया के किसी भी कोने तक पहुंच जाती है। इसके बावजूद फोटोग्राफी का जुनून कम नहीं हुआ है, बल्कि इसका स्वरूप और कारोबार दोनों बदल गए हैं।
हिमाचल में भी फोटोग्राफी के कारोबार ने बीते वर्षों में बड़ा बदलाव देखा है। पहले शादी, जन्मदिन, धार्मिक आयोजन और अन्य कार्यक्रमों में फोटोग्राफर को बुलाया जाता था। फोटो खींचने के बाद रोल धुलने और प्रिंट निकलने का इंतजार रहता था। अब डिजिटल कैमरे, ड्रोन, मोबाइल फोन और एडिटिंग सॉफ्टवेयर ने इस काम को पूरी तरह बदल दिया है।
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फोटोग्राफी में कॅरिअर बनाने के विकल्प सीमित
फोटोग्राफी को कॅरिअर के रूप में अपनाने के इच्छुक युवाओं के लिए हिमाचल में औपचारिक प्रशिक्षण के विकल्प सीमित हैं। वर्ष 2000 के करीब मंडी आईटीआई में फोटोग्राफी का एक साल का कोर्स करवाया जाता था जो 2017 के करीब सोलन की अर्की आईटीआई में शिफ्ट कर दिया गया था। यहां पर कुछ वर्ष बाद इसे बंद कर दिया गया। इसके बाद संस्थान में डिजिटल फोटोग्राफर ट्रेड शुरू किया गया जिससे युवाओं को फोटोग्राफी के क्षेत्र में प्रशिक्षण का नया विकल्प मिला। इस बार डिजिटल फोटोग्राफर ट्रेड में भी दाखिले की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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अर्की आईटीआई में इस बार इंस्ट्रक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण इस सत्र में इस ट्रेड में एडमिशन नहीं होगी। ऐसे में प्रदेश में फोटोग्राफी की औपचारिक पढ़ाई के विकल्प सीमित हो गए हैं। फोटोग्राफी के क्षेत्र में कॅरिअर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं को प्रदेश में प्रशिक्षण न मिलने पर प्रदेश से बाहर के संस्थानों का रुख करना पड़ता है। प्रदेश के सभी संस्थानों में करवाए जा रहे पत्रकारिता के कोर्सों में फोटोग्राफी भी अध्याय के तौर पर ही पढ़ाया जाता है। इसके लिए अन्य राज्यों की तर्ज पर अलग से कोर्स नहीं है।
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समय के साथ फोटोग्राफी के क्षेत्र में काफी बदलाव आया है। पहले जहां फोटो खींचने और प्रिंट निकालने तक ही काम सीमित रहता था, वहीं अब फोटोग्राफर को कैमरे के साथ वीडियो, ड्रोन, लाइटिंग और फोटो-वीडियो एडिटिंग की जानकारी भी होनी चाहिए। मोबाइल फोन ने फोटोग्राफी को हर व्यक्ति तक पहुंचाया है लेकिन प्रोफेशनल फोटोग्राफी की अलग पहचान है। -कमलजीत, फोटोग्राफर, धर्मशाला
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हिमाचल में भी फोटोग्राफी के कारोबार ने बीते वर्षों में बड़ा बदलाव देखा है। पहले शादी, जन्मदिन, धार्मिक आयोजन और अन्य कार्यक्रमों में फोटोग्राफर को बुलाया जाता था। फोटो खींचने के बाद रोल धुलने और प्रिंट निकलने का इंतजार रहता था। अब डिजिटल कैमरे, ड्रोन, मोबाइल फोन और एडिटिंग सॉफ्टवेयर ने इस काम को पूरी तरह बदल दिया है।
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फोटोग्राफी में कॅरिअर बनाने के विकल्प सीमित
फोटोग्राफी को कॅरिअर के रूप में अपनाने के इच्छुक युवाओं के लिए हिमाचल में औपचारिक प्रशिक्षण के विकल्प सीमित हैं। वर्ष 2000 के करीब मंडी आईटीआई में फोटोग्राफी का एक साल का कोर्स करवाया जाता था जो 2017 के करीब सोलन की अर्की आईटीआई में शिफ्ट कर दिया गया था। यहां पर कुछ वर्ष बाद इसे बंद कर दिया गया। इसके बाद संस्थान में डिजिटल फोटोग्राफर ट्रेड शुरू किया गया जिससे युवाओं को फोटोग्राफी के क्षेत्र में प्रशिक्षण का नया विकल्प मिला। इस बार डिजिटल फोटोग्राफर ट्रेड में भी दाखिले की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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अर्की आईटीआई में इस बार इंस्ट्रक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण इस सत्र में इस ट्रेड में एडमिशन नहीं होगी। ऐसे में प्रदेश में फोटोग्राफी की औपचारिक पढ़ाई के विकल्प सीमित हो गए हैं। फोटोग्राफी के क्षेत्र में कॅरिअर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं को प्रदेश में प्रशिक्षण न मिलने पर प्रदेश से बाहर के संस्थानों का रुख करना पड़ता है। प्रदेश के सभी संस्थानों में करवाए जा रहे पत्रकारिता के कोर्सों में फोटोग्राफी भी अध्याय के तौर पर ही पढ़ाया जाता है। इसके लिए अन्य राज्यों की तर्ज पर अलग से कोर्स नहीं है।
समय के साथ फोटोग्राफी के क्षेत्र में काफी बदलाव आया है। पहले जहां फोटो खींचने और प्रिंट निकालने तक ही काम सीमित रहता था, वहीं अब फोटोग्राफर को कैमरे के साथ वीडियो, ड्रोन, लाइटिंग और फोटो-वीडियो एडिटिंग की जानकारी भी होनी चाहिए। मोबाइल फोन ने फोटोग्राफी को हर व्यक्ति तक पहुंचाया है लेकिन प्रोफेशनल फोटोग्राफी की अलग पहचान है। -कमलजीत, फोटोग्राफर, धर्मशाला

मैक्लोडगंज के भागसूनाग की पुरानी तस्वीर। स्रोत: सोशल मीडिया

मैक्लोडगंज के भागसूनाग की पुरानी तस्वीर। स्रोत: सोशल मीडिया

मैक्लोडगंज के भागसूनाग की पुरानी तस्वीर। स्रोत: सोशल मीडिया

मैक्लोडगंज के भागसूनाग की पुरानी तस्वीर। स्रोत: सोशल मीडिया