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Kullu News: समागम में जुटे 50000 श्रद्धालु, छोटा पड़ा ढालपुर मैदान
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कुल्लू के ढालपुर में चल रहे संत निरंकारी समागम में व्हील चेयर पर पहुंची अनुयायी।-संवाद
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कुल्लू। निरंकारी संत समागम में उमड़ी हजारों की भीड़ के आगे ढालपुर मैदान छोटा पड़ गया। रविवार को समागम के आखिरी दिन मानों पूरा उत्तर भारत ढालपुर में एकत्रित हो गया। पिछले 5-6 दिन से चल रहे इस कार्यक्रम में हररोज 10,000 से 15,000 श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। रविवार को यहां 50,000 से अधिक श्रद्धालु ऐतिहासिक ढालपुर में उमड़े। इसके लिए हिमाचल सहित पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से श्रद्धालुओं का शनिवार रात से ही ऐतिहासिक ढालपुर मैदान में जुटना शुरू हो गया था।
समागम में माता सुदीक्षा महाराज का संदेश सुनने के लिए जितनी भीड़ आयोजन स्थल ढालपुर मैदान में थी, उससे कहीं अधिक भीड़ मालरोड व दूसरे मैदान में उमड़ी हुई थी। सुरक्षा की दृष्टि से जहां कुल्लू पुलिस का कड़ा पहरा था, वहीं निरंकारी संत मिशन के सैकड़ों स्वयंसेवी चप्पे-चप्पे पर तैनात किए गए थे। ये लोग बाहर से आए श्रद्धालुओं की मदद कर रहे थे।
सड़क से लेकर समागम स्थल की व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी इन्हीं के कंधों पर थी। आखिरी दिन ऐतिहासिक ढालपुर में उमड़ी भीड़ में तिल धरने को भी जगह नहीं थी। पीपल जातर मेले के कारोबारी संजय कुमार, दिलेराम, फौजी राम और अश्विनी कुमार ने कहा कि हजारों श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी की है। सुबह से लेकर शाम तक उनकी अस्थायी मार्केट में तांता लगा रहा। शनिवार शाम से लेकर रात तक भी पीपल जातर मेले की अस्थायी मार्केट में लाखों की बिक्री हुई है।
अनुमान के मुताबिक रविवार को ढालपुर बाजार में 50 लाख से अधिक का कारोबार हुआ है। निरंकारी संत मिशन शिमला जोन के प्रभारी कैप्टन एनपीएस भुलर ने कहा कि शुरू के तीन दिनों में उत्तर भारत से आए 15 से 45 साल के युवाओं को मानवता के प्रति क्या दायित्व है, वे कैसे नशे से दूर रहकर समाज में अपना योगदान दे सकते हैं, इसको लेकर माता सुदीक्षा महाराज ने संदेश दिया है। संवाद
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समागम में माता सुदीक्षा महाराज का संदेश सुनने के लिए जितनी भीड़ आयोजन स्थल ढालपुर मैदान में थी, उससे कहीं अधिक भीड़ मालरोड व दूसरे मैदान में उमड़ी हुई थी। सुरक्षा की दृष्टि से जहां कुल्लू पुलिस का कड़ा पहरा था, वहीं निरंकारी संत मिशन के सैकड़ों स्वयंसेवी चप्पे-चप्पे पर तैनात किए गए थे। ये लोग बाहर से आए श्रद्धालुओं की मदद कर रहे थे।
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सड़क से लेकर समागम स्थल की व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी इन्हीं के कंधों पर थी। आखिरी दिन ऐतिहासिक ढालपुर में उमड़ी भीड़ में तिल धरने को भी जगह नहीं थी। पीपल जातर मेले के कारोबारी संजय कुमार, दिलेराम, फौजी राम और अश्विनी कुमार ने कहा कि हजारों श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी की है। सुबह से लेकर शाम तक उनकी अस्थायी मार्केट में तांता लगा रहा। शनिवार शाम से लेकर रात तक भी पीपल जातर मेले की अस्थायी मार्केट में लाखों की बिक्री हुई है।
अनुमान के मुताबिक रविवार को ढालपुर बाजार में 50 लाख से अधिक का कारोबार हुआ है। निरंकारी संत मिशन शिमला जोन के प्रभारी कैप्टन एनपीएस भुलर ने कहा कि शुरू के तीन दिनों में उत्तर भारत से आए 15 से 45 साल के युवाओं को मानवता के प्रति क्या दायित्व है, वे कैसे नशे से दूर रहकर समाज में अपना योगदान दे सकते हैं, इसको लेकर माता सुदीक्षा महाराज ने संदेश दिया है। संवाद
