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Kullu News: आरक्षण रोस्टर के चक्रव्यूह में फंसे महंत, महेश्वर सिंह के आंगन में दी दस्तक
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कुल्लू। नगर परिषद कुल्लू की राजनीति में लंबे समय तक किंग और किंगमेकर की भूमिका निभाने वाले गोपाल कृष्ण महंत इस बार आरक्षण रोस्टर के चक्रव्यूह में फंस गए हैं। ऐसे में उन्होंने सियासी जमीन तलाशने के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता महेश्वर सिंह के आंगन में दस्तक दी है। महंत इससे पहले वार्ड नंबर 6, 9 और 11 से चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन इस बार केवल वार्ड नंबर 1, 2 और 4 ही अनारक्षित हैं। ऐसे में उन्हें वार्ड नंबर 4 सुल्तानपुर का रुख करना पड़ा है।
वर्ष 2015 से 2020 के दौरान ऐसा समय भी रहा जब महंत परिवार के घर से ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पद रहे। उस समय उनकी भाभी दिवंगत बिमला महंत अध्यक्ष और गोपाल कृष्ण महंत उपाध्यक्ष थे। 2021 से अब तक महंत स्वयं अध्यक्ष पद पर काबिज रहे हैं। इस बार उन्हें पूर्व सांसद महेश्वर सिंह के गृह वार्ड में दस्तक देनी पड़ी है।
गोपाल कृष्ण महंत ने वार्ड नंबर 4 से नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। वहीं कांग्रेस विचारधारा से दिग्विजय मोदगिल भी मैदान में हैं। अभी तक कांग्रेस ने अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। भाजपा की तरफ से पिछली बार पार्षद रहे दिग्गज नेता के बेटे दानवेंद्र सिंह ने इस बार चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। भाजपा ने यहां से ज्ञान ठाकुर को उम्मीदवार बनाया है जबकि भाजपा पृष्ठभूमि की अनीता ने भी नामांकन दाखिल किया है। ऐसे में वार्ड नंबर 4 का मुकाबला काफी रोचक होता जा रहा है।
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गोपाल कृष्ण महंत ने 1985 में पहला चुनाव लड़ा था, उसके बाद अब तक छह बार पार्षद बन चुके हैं। इसमें दो बार प्रधान और तीन बार उपप्रधान के पद पर विराजमान हुए। खास बात यह है कि अब तक जब-जब भी वार्ड बदलकर चुनाव लड़े हैं, जीत हासिल की है।
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वर्ष 2015 से 2020 के दौरान ऐसा समय भी रहा जब महंत परिवार के घर से ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पद रहे। उस समय उनकी भाभी दिवंगत बिमला महंत अध्यक्ष और गोपाल कृष्ण महंत उपाध्यक्ष थे। 2021 से अब तक महंत स्वयं अध्यक्ष पद पर काबिज रहे हैं। इस बार उन्हें पूर्व सांसद महेश्वर सिंह के गृह वार्ड में दस्तक देनी पड़ी है।
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गोपाल कृष्ण महंत ने वार्ड नंबर 4 से नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। वहीं कांग्रेस विचारधारा से दिग्विजय मोदगिल भी मैदान में हैं। अभी तक कांग्रेस ने अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। भाजपा की तरफ से पिछली बार पार्षद रहे दिग्गज नेता के बेटे दानवेंद्र सिंह ने इस बार चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। भाजपा ने यहां से ज्ञान ठाकुर को उम्मीदवार बनाया है जबकि भाजपा पृष्ठभूमि की अनीता ने भी नामांकन दाखिल किया है। ऐसे में वार्ड नंबर 4 का मुकाबला काफी रोचक होता जा रहा है।
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गोपाल कृष्ण महंत ने 1985 में पहला चुनाव लड़ा था, उसके बाद अब तक छह बार पार्षद बन चुके हैं। इसमें दो बार प्रधान और तीन बार उपप्रधान के पद पर विराजमान हुए। खास बात यह है कि अब तक जब-जब भी वार्ड बदलकर चुनाव लड़े हैं, जीत हासिल की है।
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