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सूबे का पहला पार्क बना विश्व धरोहर
Kullu
Updated Tue, 24 Jun 2014 05:32 AM IST
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कुल्लू। ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क को आखिरकार 23 जून को वर्ल्ड हेरिटेज साइट की हरी झंडी मिल ही गई। विश्व धरोहर को लेकर चली लंबी जद्दोजहद के बीच ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क देश का सातवां और सूबे का पहला पार्क बना है। जबकि देश की कुल साइटों में पार्क 32वें स्थान में शामिल हुआ है। दोहा के कतर में हुई बैठक में पार्क को मिली हरी झंडी से पार्क प्रबंधन में खुशी की लहर है। अभी तक देश के बेस्ट बंगाल का सुंदरवन, असम का काजीरंगा, असम का मानस, उत्तराखंड की नंदादेवी, तमिलनाडु का वेस्टन घाट तथा राजस्थान की केओलादेऊ पार्क को यह दर्जा मिल चुका है। जबकि कुल्लू का नेशनल पार्क देश का सातवां तथा सूबे का पहला पार्क बना है। हिमालय के आंचल में बसे पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश की कुल्लू घाटी के ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क सूबे का सबसे बड़ा नेशनल पार्क है। इस पार्क की जैव विविधता को देखते हुए यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर का दर्जा दिया है। देश की कुल 32 साइटों में से 7 नेचुरल व 24 को कल्चरल के लिए यह दर्जा मिला है। 1500 से 6000 मीटर तक ऊंची पहाडि़यों पर फैले इस पार्क के शिखरों एवं छोटे ग्लेशियरों से ब्यास की सहायक सैंज, तीर्थन और जीवा आदि नदियों का उद्गम है।
महत्वपूर्ण ट्रैकिंग रूट
-ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में न्यूली-शांघड़, न्यूली-सैंज, सैंज वैली-तीर्थन वैली, गुशैणी-टिंडर गांव, गुशैणी शिल्ट हट, न्यूली-मनु मंदिर, सियूंड-पाशी गांव, जीवानाला-पार्वती वैली और पिन-पार्वती आदि महत्वपूर्ण ट्रैकिंग रूट हैं।
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महत्वपूर्ण ट्रैकिंग रूट
-ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में न्यूली-शांघड़, न्यूली-सैंज, सैंज वैली-तीर्थन वैली, गुशैणी-टिंडर गांव, गुशैणी शिल्ट हट, न्यूली-मनु मंदिर, सियूंड-पाशी गांव, जीवानाला-पार्वती वैली और पिन-पार्वती आदि महत्वपूर्ण ट्रैकिंग रूट हैं।
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