{"_id":"6a53daa9b76b8e1c730612a2","slug":"along-with-education-there-will-also-be-a-centre-for-health-kullu-news-c-89-1-ssml1015-181249-2026-07-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: शिक्षा के साथ स्वास्थ्य की भी होगी पाठशाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: शिक्षा के साथ स्वास्थ्य की भी होगी पाठशाला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुल्लू। जिले के सातों शिक्षा खंडों के सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत हजारों विद्यार्थियों के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास पर अब विशेष ध्यान दिया जाएगा। आयुष्मान भारत-स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम के तहत नियुक्त हेल्थ एंड वेलनेस एंबेसडर शिक्षक विद्यार्थियों की गतिविधियों पर नियमित नजर रखने के साथ उनके सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास पर भी फोकस करेंगे।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) कुल्लू राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से इस कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू कर रहा है। कार्यक्रम के तहत एंबेसडर शिक्षक विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित एवं पौष्टिक आहार, स्वच्छता और व्यक्तिगत स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करेंगे। इसके अलावा एकता, लैंगिक समानता, नशा मुक्ति, एचआईवी/एड्स, इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी नियमित मार्गदर्शन दिया जाएगा।
कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एंबेसडर शिक्षकों को दो चरणों में विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षण के बाद अब ये शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और व्यावहारिक विकास के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित करेंगे।
विज्ञापन
कार्यक्रम समन्वयक जितेंद्र शर्मा ने बताया कि शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। आयुष्मान भारत-स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम के माध्यम से बच्चों को स्वास्थ्य, स्वच्छता, जीवन कौशल और सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़े विषयों की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है, ताकि वे स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बन सकें। संवाद
विज्ञापन
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) कुल्लू राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से इस कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू कर रहा है। कार्यक्रम के तहत एंबेसडर शिक्षक विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित एवं पौष्टिक आहार, स्वच्छता और व्यक्तिगत स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करेंगे। इसके अलावा एकता, लैंगिक समानता, नशा मुक्ति, एचआईवी/एड्स, इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी नियमित मार्गदर्शन दिया जाएगा।
विज्ञापन
कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एंबेसडर शिक्षकों को दो चरणों में विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षण के बाद अब ये शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और व्यावहारिक विकास के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित करेंगे।
विज्ञापन
कार्यक्रम समन्वयक जितेंद्र शर्मा ने बताया कि शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। आयुष्मान भारत-स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस प्रोग्राम के माध्यम से बच्चों को स्वास्थ्य, स्वच्छता, जीवन कौशल और सामाजिक जिम्मेदारियों से जुड़े विषयों की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है, ताकि वे स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बन सकें। संवाद