लारजी (कुल्लू)। सैंज घाटी के कनौन गांव में देवता बनशीरा के सम्मान में शाढ़नू मेला मनाया गया। इसमें चनौन के देवता जंजू नारायण लाव-लश्कर के साथ पहुंचे। कनौन पहुंचने पर देवता का फूल-मालाओं से स्वागत हुआ। इसके उपरांत देव मिलन की परंपरा को भी निभाया गया। इसमें सैकड़ों श्रद्धालु साक्षी बने। कारदार प्रेम सिंह ने बताया कि देवता बनशीरा ने मेहमान देवता बुलाने का आदेश दिया था। आदेश का पालन करते हुए कारकूनों और हारियानों ने देवता जंजू नारायण को निमंत्रण भेजा। निमंत्रण पर हामी भरते हुए देवता जंजू नारायण मेले में आए हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों देवताओं ने रविवार को देव मिलन और शाढ़नू मेले की रस्मों को निभाया। देवताओं के साथ हारियानों, कारकूनों और श्रद्धालुओं ने पारंपरिक वेशभूषा (चोला टोपा, कलगी पहनकर) में कुल्लवी नाटी डाली। यह नाटी मेले का आकर्षण रही। मेले में सुबह से शाम तक सैकड़ों हारियानों और श्रद्धालुओं ने आराध्य देवताओं के समक्ष शीश नवाया और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान देवता जंजू नारायण के कारदार भीमे राम, गूर मोहर सिंह, पुजारी कुर्मी राम, भंडारी नोक सिंह आदि उपस्थित रहे। संवाद