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Kullu News: ब्यास में जलस्तर बढ़ने से ड्रेजिंग कार्य पर रोक
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कुल्लू। जिले में ब्यास में ड्रेजिंग का कार्य अब 15 सितंबर के बाद ही शुरू हो सकेगा। बरसात और नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभाग ने नदी-नालों में चल रहे ड्रेजिंग कार्य पर रोक लगा दी है। सुरक्षा की दृष्टि से नदी के बीच मशीनें उतारने की अनुमति नहीं होगी। ब्यास में ड्रेजिंग कार्य के लिए तीन साइटों को स्वीकृति मिली है। इनमें कुल्लू की लंकाबेकर, भुंतर सब्जी मंडी और एयरपोर्ट के समीप की साइट शामिल हैं। इन स्थानों पर ड्रेजिंग का कार्य चल रहा था, लेकिन बरसात के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण कार्य रोक दिया गया है। इसी तरह जिले के अन्य स्थानों पर भी फिलहाल ड्रेजिंग कार्य नहीं हो सकेगा।
पर्यटन विकास विभाग ने पहले ही ब्यास में राफ्टिंग पर रोक लगा रखी है। अब प्रशासन ने भी ड्रेजिंग कार्य को लेकर एहतियाती कदम उठाए हैं। जिन स्थानों पर नदी के कारण बस्तियों को खतरा है, वहां सुरक्षा संबंधी कार्य कड़ी निगरानी में जारी है। इन स्थानों पर भी मशीनों को नदी में उतारने पर रोक रहेगी। प्रशासन के अनुसार, 15 सितंबर के बाद मौसम में सुधार और नदी का जलस्तर कम होने पर ही ड्रेजिंग कार्य दोबारा शुरू किया जा सकेगा।
ड्रेजिंग के लिए तीन साइटों को स्वीकृति मिलने के बाद पांच और साइटों पर स्वीकृति के लिए एफसीए के तहत आवेदन किया गया है। इन पांच साइटों को भी स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। बरसात के बाद इन साइटों पर भी ड्रेजिंग कार्य शुरू होने का रास्ता साफ हो सकता है। जिला प्रशासन ने ब्यास में पलचान से बजौरा तक 44 से अधिक संभावित साइटों को चिह्नित किया है। इनमें से तीन साइटों को स्वीकृति मिल चुकी है।
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फॉरेस्ट कॉरपोरेशन कुल्लू के डीएम काहन राम ने बताया कि बरसात के कारण ड्रेजिंग कार्य रोक दिया गया है। मौसम सामान्य होने और नदी का जलस्तर कम होने के बाद 15 सितंबर के पश्चात ड्रेजिंग कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा।
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पर्यटन विकास विभाग ने पहले ही ब्यास में राफ्टिंग पर रोक लगा रखी है। अब प्रशासन ने भी ड्रेजिंग कार्य को लेकर एहतियाती कदम उठाए हैं। जिन स्थानों पर नदी के कारण बस्तियों को खतरा है, वहां सुरक्षा संबंधी कार्य कड़ी निगरानी में जारी है। इन स्थानों पर भी मशीनों को नदी में उतारने पर रोक रहेगी। प्रशासन के अनुसार, 15 सितंबर के बाद मौसम में सुधार और नदी का जलस्तर कम होने पर ही ड्रेजिंग कार्य दोबारा शुरू किया जा सकेगा।
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ड्रेजिंग के लिए तीन साइटों को स्वीकृति मिलने के बाद पांच और साइटों पर स्वीकृति के लिए एफसीए के तहत आवेदन किया गया है। इन पांच साइटों को भी स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। बरसात के बाद इन साइटों पर भी ड्रेजिंग कार्य शुरू होने का रास्ता साफ हो सकता है। जिला प्रशासन ने ब्यास में पलचान से बजौरा तक 44 से अधिक संभावित साइटों को चिह्नित किया है। इनमें से तीन साइटों को स्वीकृति मिल चुकी है।
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फॉरेस्ट कॉरपोरेशन कुल्लू के डीएम काहन राम ने बताया कि बरसात के कारण ड्रेजिंग कार्य रोक दिया गया है। मौसम सामान्य होने और नदी का जलस्तर कम होने के बाद 15 सितंबर के पश्चात ड्रेजिंग कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा।
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