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हर छात्र को प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा का मिलेगा अवसर : कंवर
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कुल्लू। जिले में संचालित विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं, विशेषकर सीबीएसई पैटर्न में परिवर्तित विद्यालयों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुल्लू, भुंतर, मनाली, आनी और बंजार के साथ-साथ राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बागा सराहन को सीबीएसई स्कूलों के रूप में विकसित किया गया है। इन विद्यालयों में परिवर्तन के बाद छात्र नामांकन में वृद्धि दर्ज की गई है, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में सकारात्मक संकेत है। यह बात शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने सोमवार को कुल्लू दौरे के दौरान बहुउद्देश्यीय भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में कही।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल सीबीएसई स्कूलों का विस्तार करना ही नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों को भी समान रूप से सुदृढ़ बनाना है, ताकि हर छात्र को बेहतर और प्रतिस्पर्धी शिक्षा का अवसर मिल सके। विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
शिक्षा सचिव ने कहा कि शिक्षकों के हितों का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था में स्थिरता और विश्वास बना रहे। इससे अभिभावकों और शिक्षकों के बीच भरोसा बढ़ा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है, ताकि पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा न आए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों या विद्यार्थियों ने किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, उनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अन्य विद्यार्थियों को प्रेरणा मिले और अभिभावकों का सरकारी संस्थानों के प्रति विश्वास और मजबूत हो।
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अधिकारियों को दिए निर्देश
शिक्षा सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिक्षकों के रिक्त पदों, आधारभूत ढांचे और अन्य आवश्यक कार्यों से संबंधित प्रस्ताव जिला एवं खंड स्तर से शीघ्र तैयार कर प्रेषित किए जाएं, ताकि कमियों को समय रहते दूर किया जा सके।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल सीबीएसई स्कूलों का विस्तार करना ही नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों को भी समान रूप से सुदृढ़ बनाना है, ताकि हर छात्र को बेहतर और प्रतिस्पर्धी शिक्षा का अवसर मिल सके। विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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शिक्षा सचिव ने कहा कि शिक्षकों के हितों का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है, जिससे शिक्षा व्यवस्था में स्थिरता और विश्वास बना रहे। इससे अभिभावकों और शिक्षकों के बीच भरोसा बढ़ा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है, ताकि पढ़ाई में किसी प्रकार की बाधा न आए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों या विद्यार्थियों ने किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, उनका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अन्य विद्यार्थियों को प्रेरणा मिले और अभिभावकों का सरकारी संस्थानों के प्रति विश्वास और मजबूत हो।
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अधिकारियों को दिए निर्देश
शिक्षा सचिव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिक्षकों के रिक्त पदों, आधारभूत ढांचे और अन्य आवश्यक कार्यों से संबंधित प्रस्ताव जिला एवं खंड स्तर से शीघ्र तैयार कर प्रेषित किए जाएं, ताकि कमियों को समय रहते दूर किया जा सके।

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