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Kullu News: एनएच-305 पर सिरदर्द बना फदेलनाला, 500 मीटर का भूस्खलन क्षेत्र बार-बार रोक रहा यातायात
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आनी के फदेलनाला में भूस्खलन से बार बार बाधित हो रहा एनएच-305। बहाल करने में जुटी मशीन।संवाद
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आनी (कुल्लू)। राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच)-305 पर आनी से जलोड़ी जोत की ओर आठ किलोमीटर दूर कंडुगाड़ के समीप स्थित फदेलनाला वाहन चालकों और स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ है। यहां करीब 500 मीटर लंबा भूस्खलन प्रभावित ढांक चार-पांच वर्षों से लगातार खतरा बना हुआ है। बारिश होते ही पहाड़ी से मलबा और पत्थर सड़क पर आने लगते हैं, जिससे राजमार्ग बार-बार बंद हो जाता है।
कुछ वर्ष पहले पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटकर सड़क की ओर खिसक गया था। इसके बाद से यहां लगभग 500 मीटर का अत्यंत संवेदनशील भूस्खलन क्षेत्र बन गया है। मानसून के दौरान हल्की बारिश भी इस स्थान पर यातायात प्रभावित कर देती है। यह मार्ग कुल्लू, आनी, रामपुर और शिमला को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जिस पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं।
पिछले दो दिनों में ही इस स्थान पर सड़क करीब एक दर्जन बार मलबा आने से अवरुद्ध हुई। हालांकि नेशनल हाईवे प्रबंधन ने मशीनरी लगाकर हर बार सड़क को बहाल किया, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान की मांग क्षेत्रीय जनता कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बरसात में यही स्थिति बन जाती है, जिससे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से मांग की है कि इस क्षेत्र में वैज्ञानिक तरीके से ढलान को स्थिर किया जाए और ऐसे पौधे लगाए जाएं, जिनकी जड़ें मिट्टी को मजबूती देकर भूस्खलन की संभावना कम कर सकें।
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उधर, एनएच-305 के सहायक अभियंता ज्ञान भारती ने बताया कि फदेलनाला में सड़क अवरुद्ध होने की सूचना मिलते ही मशीनरी तैनात कर यातायात बहाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील स्थल के स्थायी समाधान के लिए तकनीकी स्तर पर योजना तैयार की जा रही है, ताकि भविष्य में बार-बार सड़क बंद होने की समस्या से राहत मिल सके।
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कुछ वर्ष पहले पहाड़ी का बड़ा हिस्सा टूटकर सड़क की ओर खिसक गया था। इसके बाद से यहां लगभग 500 मीटर का अत्यंत संवेदनशील भूस्खलन क्षेत्र बन गया है। मानसून के दौरान हल्की बारिश भी इस स्थान पर यातायात प्रभावित कर देती है। यह मार्ग कुल्लू, आनी, रामपुर और शिमला को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जिस पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं।
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पिछले दो दिनों में ही इस स्थान पर सड़क करीब एक दर्जन बार मलबा आने से अवरुद्ध हुई। हालांकि नेशनल हाईवे प्रबंधन ने मशीनरी लगाकर हर बार सड़क को बहाल किया, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान की मांग क्षेत्रीय जनता कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बरसात में यही स्थिति बन जाती है, जिससे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से मांग की है कि इस क्षेत्र में वैज्ञानिक तरीके से ढलान को स्थिर किया जाए और ऐसे पौधे लगाए जाएं, जिनकी जड़ें मिट्टी को मजबूती देकर भूस्खलन की संभावना कम कर सकें।
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उधर, एनएच-305 के सहायक अभियंता ज्ञान भारती ने बताया कि फदेलनाला में सड़क अवरुद्ध होने की सूचना मिलते ही मशीनरी तैनात कर यातायात बहाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील स्थल के स्थायी समाधान के लिए तकनीकी स्तर पर योजना तैयार की जा रही है, ताकि भविष्य में बार-बार सड़क बंद होने की समस्या से राहत मिल सके।