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Anni Landslide Tragedy: क्रैश बैरियर होते तो बच सकती थीं दो जानें? राणाबाग सड़क पर उठे सवाल; जानें विस्तार से

Sat, 01 Aug 2026 11:26 AM IST
Ankesh Dogra हरिकृष्ण शर्मा, आनी/कुल्लू।
हरिकृष्ण शर्मा, आनी/कुल्लू। Published by: Ankesh Dogra Updated Sat, 01 Aug 2026 11:26 AM IST
सार

आनी के राणाबाग-बलेहड़ मार्ग पर हुए हादसे में डॉ. बृज ठाकुर और उनकी पत्नी की मौत के बाद सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि छह साल में इसी स्थान पर तीन बड़े हादसों में पांच लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन अब तक पर्याप्त क्रैश बैरियर और सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। पीडब्ल्यूडी ने बारिश के कारण काम प्रभावित होने की बात कही है।

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राणाबाग-बलेहड़ मार्ग पर हुए हादसे के बाद राहत कार्य में जुटे ग्रामीण व विधायक लोकेंद्र। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आनी क्षेत्र की कई सड़कें वर्षों से पहाड़ों पर भूस्खलन से गिरते पत्थरों के कारण मौत का रास्ता बनी हुई हैं। रघुपुर घाटी की राणाबाग-बलेहड़ मार्ग पर सड़क हादसे कम नहीं हो रहे हैं। शुक्रवार सुबह आनी खंड की राणाबाग-बालू सड़क पर जो हुआ, उसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। रामपुर से खुड्डीजल मंदिर में दर्शन के लिए निकला परिवार हादसे में मौत का ग्रास बन गया। डॉ. बृज ठाकुर अपनी पत्नी और एक बेटी के साथ मंदिर जा रहे थे। परिवार खुश था और भगवान के दर्शन की आस में सफर कर रहा था, लेकिन राणाबाग के पास अचानक पहाड़ी से भारी चट्टानें और पत्थर उनकी कार पर आ गिरे और कार खाई में जा गिरी। कुछ ही क्षणों में खुशियों से भरी कार मौत के मलबे में तब्दील हो गई। हादसे में डॉ. बृज और उनकी पत्नी सविता ठाकुर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी बेटी घायल हो गई।  

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11 किलोमीटर लंबी इस सड़क का करीब आठ से नौ किलोमीटर का हिस्सा बहुत संवेदनशील है। अगस्त 2020 से लेकर 2026 तक इसी पॉइंट पर तीन हादसों में पांच लोगों की मौत हो गई है। इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग नहीं जागा और न ही सड़क पर क्रैश बैरियर लगाए और पैरापिट। इस जगह पर अगर क्रैश बैरियर होते तो शायद कार खाई में न गिरती। लोक निर्माण विभाग पिछले दो साल से इस सड़क का विस्तारीकरण का कार्य कर रहा है लेकिन क्रैश बैरियर लगाना विभाग भूल गया है। करीब 100 मीटर के दायरे की इस जगह पर सबसे पहला हादसा अगस्त 2020 को हुआ था। 

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कार के सड़क से खाई में गिरने से दो युवाओं को मौत हुई थी। इसके बाद मई 2021 को एक कार सड़क से खड्ड में जा गिरी और पंचायत सचिव की मौत हो गई। अब शुक्रवार सुबह हुए हादसे ने पुरानी घटनाओं को ताजा कर दिया है। करशैईगाड़ पंचायत के उपप्रधान परस राम चौहान ने कहा कि इस पॉइंट पर यह तीसरा हादसा है। कार पर पहाड़ी से पत्थर गिरने के बाद भी यहां भारी मात्रा में पत्थर गिरे और करीब एक घंटे तक राणाबाग-देहुरी-बलेहड़ सड़क अवरुद्ध रही। उन्होंने कहा कि अगर इस जगह क्रैश बैरियर होते तो यह दर्दनाक हादसा न होता। उधर, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता मनीष कुमार ने कहा कि राणाबाग-बलेहड़ सड़क पर पैरापिट का काम किया जा रहा है। बरसात के कारण काम नहीं हो पा रहा है। पूरी सड़क पर पैरापिट को निर्माण किया जाएगा।

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हादसे के बाद भी सड़क पर बरसते रहे पत्थर विधायक समेत ग्रामीण राहत कार्य में जुटे 
हादसे के बाद मौके से गुजर रहे लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। इसी बीच वहां से गुजर रहे आनी के विधायक लोकेंद्र कुमार भी बचाव कार्य में जुट गए। उन्होंने लोगों के साथ घायल बेटी को स्ट्रैचर पर खड्ड को पार कर सड़क तक पहुंचाया। विधायक लोकेंद्र कुमार ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उधर, जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वहां दुर्घटना के बाद भी लगातार बड़े-बड़े पत्थर पहाड़ी से गिरते रहे। स्थानीय लोगों ने काफी सावधानी के साथ आवाजाही की। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और संवेदनशील मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतें।

रामपुर में अपना क्लीनिक चलाते थे डॉ. बृज
डॉ. बृज के चचेरे भाई राकेश ने नम आंखों से बताया कि यह हादसा पूरे परिवार के लिए ऐसा घाव दे गया है, जो शायद कभी नहीं भर पाएगा। आनी के अमरबाग निवासी डॉ. बृज पहले सरकारी सेवाओं में रहे और बाद में लोगों की सुविधा के लिए रामपुर में अपना क्लीनिक शुरू किया। स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में उन्होंने न जाने कितनी माताओं और नवजातों को नया जीवन दिया, लेकिन नियति ने उनके अपने परिवार से ही जीवन छीन लिया। उनकी घायल बेटी हाल ही में जमा दो कक्षा उत्तीर्ण कर चुकी है, जबकि बड़ी बेटी कंप्यूटर साइंस में बीटेक की पढ़ाई कर रही है। अब इन दोनों बेटियों के सिर से माता-पिता का साया उठ चुका है। परिवार में दो बड़े भाई और अन्य सदस्य हैं, जो इस कठिन समय में इन बेटियों का सहारा हैं। लेकिन मां-बाप की कमी कोई पूरी नहीं कर सकता। 
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