{"_id":"696137f2023e5383ea019f27","slug":"new-thinking-will-open-a-new-path-for-tourism-kullu-news-c-89-1-klu1001-166177-2026-01-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: नई सोच से खुलेगा पर्यटन का नया रास्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: नई सोच से खुलेगा पर्यटन का नया रास्ता
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Fri, 09 Jan 2026 11:06 PM IST
विज्ञापन
मनाली के मॉल रोड़ पर उमड़ी पर्यटको की भीड़।-संवाद
विज्ञापन
बिजली महादेव रोपवे प्राेजेक्ट को अब काईसधार की ओर बदलने की उठी आवाज
केंद्र, राज्य सरकार के समक्ष मामला रखेंगे महाराजा विकास मंच और जनप्रतिनिधि
मुहर लगी तो कुल्लू के महाराजा, खोखन और लगघाटी में पर्यटन को लगेंगे पंख
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। बिजली महादेव रोपवे ठंडे बस्ते में जाने के बाद अब पर्यटन को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। महाराजा विकास मंच की नई पहल ने काईसधार को विकास और इको-टूरिज्म के नए केंद्र के रूप में उभारने की उम्मीद जगा दी है जिससे पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
बिजली महादेव रोपवे के विरोध की लड़ाई एनजीटी तक पहुंच गई है। बिजली महादेव रोपवे लगना अब मुश्किल है। ऐसे में महाराजा विकास मंच ने एक नई सोच को चिंगारी दी है। बिजली महादेव रोपवे निरस्त होने की सूरत में इसे नेचर पार्क से काईसधार की ओर बदलने की आवाज उठी है। महाराजा विकास मंच और जनप्रतिनिधि मसले को केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष रखेंगे। इस पर मुहर लगती है तो इससे महाराजा, खोखन और लगघाटी में पर्यटन को पंख लगेंगे।
गौर रहे कि काईसधार क्षेत्र वर्तमान में इको टूरिज्म से जुड़ा है। प्राकृतिक सुंदरता के साथ यहां हर प्रकार के वन्य जीव में भालू, घोरल, तेंदुए, कस्तूरी मृग और पक्षी पाए जाते हैं। काईसधार घने जंगलों के साथ कुल्लू मंडी की सीमा बनती है जहां प्रसिद्ध नारगू वन्य प्राणी सेंक्चुरी है। ऐतिहासिक गांव और ग्रामीण जीवन की झलक से पर्यटक रूबरू होते हैं। पैदल यात्री दस घंटे के सफर में मंडी क्षेत्र के गांव में उतर जाते हैं। लोगों की भी इसको लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग महाराजा विकास मंच के निर्णय को खूब सराह रहे हैं।
महाराजा विकास मंच के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर ने कहा कि मौहल में इस संबंध में एक बैठक हुई है। जनप्रतिनिधियों और महाराजा विकास मंच ने बिजली महादेव रोपवे को निरस्त होने की सूरत में इसे काईसधार के लिए लगाने की मांग की है।
--
Trending Videos
केंद्र, राज्य सरकार के समक्ष मामला रखेंगे महाराजा विकास मंच और जनप्रतिनिधि
मुहर लगी तो कुल्लू के महाराजा, खोखन और लगघाटी में पर्यटन को लगेंगे पंख
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। बिजली महादेव रोपवे ठंडे बस्ते में जाने के बाद अब पर्यटन को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। महाराजा विकास मंच की नई पहल ने काईसधार को विकास और इको-टूरिज्म के नए केंद्र के रूप में उभारने की उम्मीद जगा दी है जिससे पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
बिजली महादेव रोपवे के विरोध की लड़ाई एनजीटी तक पहुंच गई है। बिजली महादेव रोपवे लगना अब मुश्किल है। ऐसे में महाराजा विकास मंच ने एक नई सोच को चिंगारी दी है। बिजली महादेव रोपवे निरस्त होने की सूरत में इसे नेचर पार्क से काईसधार की ओर बदलने की आवाज उठी है। महाराजा विकास मंच और जनप्रतिनिधि मसले को केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष रखेंगे। इस पर मुहर लगती है तो इससे महाराजा, खोखन और लगघाटी में पर्यटन को पंख लगेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
गौर रहे कि काईसधार क्षेत्र वर्तमान में इको टूरिज्म से जुड़ा है। प्राकृतिक सुंदरता के साथ यहां हर प्रकार के वन्य जीव में भालू, घोरल, तेंदुए, कस्तूरी मृग और पक्षी पाए जाते हैं। काईसधार घने जंगलों के साथ कुल्लू मंडी की सीमा बनती है जहां प्रसिद्ध नारगू वन्य प्राणी सेंक्चुरी है। ऐतिहासिक गांव और ग्रामीण जीवन की झलक से पर्यटक रूबरू होते हैं। पैदल यात्री दस घंटे के सफर में मंडी क्षेत्र के गांव में उतर जाते हैं। लोगों की भी इसको लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग महाराजा विकास मंच के निर्णय को खूब सराह रहे हैं।
महाराजा विकास मंच के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर ने कहा कि मौहल में इस संबंध में एक बैठक हुई है। जनप्रतिनिधियों और महाराजा विकास मंच ने बिजली महादेव रोपवे को निरस्त होने की सूरत में इसे काईसधार के लिए लगाने की मांग की है।