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Kullu News: शिक्षक नहीं...मल्टी टास्क वर्कर बना बच्चोें का गुरु

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Apr 2026 04:09 AM IST
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Not a teacher...a multi-task worker becomes the children's guru
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प्राइमरी स्कूल थाच कुठेड़ में नहीं कोई भी स्थानीय अध्यापक
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शिक्षक नहीं होने से 33 विद्यार्थियों के अभिभावक भी परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले की सीमा पर स्थित ग्राम पंचायत बगड़ाथाच के अंतर्गत आने वाले प्राइमरी स्कूल थाच कुठेड़ में इन दिनों शिक्षकों की कमी है। 33 विद्यार्थियों की पढ़ाई स्कूल के एक मल्टी टास्क वर्कर और प्रतिनियुक्ति के सहारे चल रहा है। नए सत्र में भी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने से अभिभावकों में रोष है।
एक ओर जहां प्रदेश सरकार बच्चों को घर-द्वार गुणवत्तापूर्वक शिक्षा देने का दावा कर रही है, तो वहीं कई स्कूलों में एक भी नियमित शिक्षक तैनात नहीं है। इसका खामियाजा स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। बच्चों को बुनियादी शिक्षा देने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से अभिभावक चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि इस बार नए सत्र में सरकार शिक्षकों की नियुक्ति करेगी लेकिन सरकार और शिक्षा विभाग ने कोई भी शिक्षक नहीं भेजा है। इस वजह से अभिभावक अपने बच्चों काे दूसरे स्कूलों में दाखिल करवाने के लिए विवश हैं। पूर्व वार्ड सदस्य अमर सिंह, कृष्ण चंद, कमलेश, केसर सिंह और ईश्वर दास ने सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि स्कूल में जल्द नियमित शिक्षकों की नियुक्ति की जाए। उनका कहना है कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और इस तरह की लापरवाही से विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है।
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स्कूल में शिक्षकों की कमी से अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर परेशान हैं। कई बार इस समस्या को सरकार और विभाग के समक्ष उठाया गया है लेकिन कोई हल नहीं हुआ है।
-अमर सिंह, पूर्व वार्ड सदस्य
एक तरफ सरकार और विभाग गुणात्मक शिक्षा के दावे करते हैं वहीं दूसरी तरफ स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं। नए सत्र में भी स्कूल में शिक्षकों की तैनाती नहीं की गई है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।
-कुक्कू, अभिभावक
शिक्षकों की कमी से सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या दिनप्रतिदिन घट रही है। पढ़ाई प्रभावित होने से अभिभावक निजी स्कूलों में अपने बच्चों को दाखिल करवाने के लिए मजबूर हैं।
-ईश्वर दास, अभिभावक
सरकार और विभाग से स्कूल में शिक्षक भेजने के लिए कई बार गुहार लगाई गई। बावजूद इसके नए शिक्षा सत्र के एक माह बाद भी शिक्षकों की तैनाती नहीं हुई है। बच्चों काे प्रतिनियुक्ति पर आ रहे शिक्षक के सहारे ही चल रहे हैं।
---कृष्ण चंद, अभिभावक
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