{"_id":"69f1f16c44b132f73a007fcb","slug":"sanchul-mahadev-reached-fatapur-garh-to-acquire-powers-kullu-news-c-89-1-ssml1012-175072-2026-04-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: शक्तियां अर्जित करने फतापुर गढ़ पहुंचे शंचूल महादेव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: शक्तियां अर्जित करने फतापुर गढ़ पहुंचे शंचूल महादेव
विज्ञापन
विज्ञापन
शक्तियां अर्जित करने फतापुर गढ़ पहुंचे शंचूल महादेव
प्रजा की सुख-समृद्धि के लिए हर साल गढ़ आते हैं महादेव
संवाद न्यूज एजेंसी
बंजार (कुल्लू)। उपमंडल बंजार के टील बछूट के देवता शंचूल महादेव ढोल-नगाड़े और सैकड़ों हारियानो के साथ शक्तियां अर्जित करने के लिए फतापुर गढ़ पहुंचे। यहा पहुंच कर देवता की विधिवत पूजा की गई। इसके बाद अपनी तपोस्थली में शंचूल महादेव ने शक्तियां अर्जित करने की प्रक्रिया पूरी की। यहां पहुंचकर देवता शंचूल महादेव अपने क्षेत्र में ओलावृष्टि और अच्छी फसल को लेकर रक्षा करते हैं। बंजार घाटी के कई देवी-देवता शंचूल महादेव के साथ शक्तियां अर्जित करने के लिए पहुंचते हैं। देवता गढ़ का दौरा बैसाख माह के पहले या दूसरे सप्ताह करते हैं। इस दौरान देवता के फतापुर गढ़ के दौरे के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और इस अलौकिक देव परंपरा के साक्षी बनते हैं। देवता के कारदार गोपी चौहान ने कहा कि देवता हर साल गढ़ में शक्तियां अर्जित करने के लिए आते हैं।
Trending Videos
प्रजा की सुख-समृद्धि के लिए हर साल गढ़ आते हैं महादेव
संवाद न्यूज एजेंसी
बंजार (कुल्लू)। उपमंडल बंजार के टील बछूट के देवता शंचूल महादेव ढोल-नगाड़े और सैकड़ों हारियानो के साथ शक्तियां अर्जित करने के लिए फतापुर गढ़ पहुंचे। यहा पहुंच कर देवता की विधिवत पूजा की गई। इसके बाद अपनी तपोस्थली में शंचूल महादेव ने शक्तियां अर्जित करने की प्रक्रिया पूरी की। यहां पहुंचकर देवता शंचूल महादेव अपने क्षेत्र में ओलावृष्टि और अच्छी फसल को लेकर रक्षा करते हैं। बंजार घाटी के कई देवी-देवता शंचूल महादेव के साथ शक्तियां अर्जित करने के लिए पहुंचते हैं। देवता गढ़ का दौरा बैसाख माह के पहले या दूसरे सप्ताह करते हैं। इस दौरान देवता के फतापुर गढ़ के दौरे के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और इस अलौकिक देव परंपरा के साक्षी बनते हैं। देवता के कारदार गोपी चौहान ने कहा कि देवता हर साल गढ़ में शक्तियां अर्जित करने के लिए आते हैं।
