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Kullu News: पार्वती घाटी में रेव पार्टियों पर लोगों में नाराजगी
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कुल्लू। पार्वती घाटी में पिछले सप्ताह आयोजित कथित रेव पार्टी के मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की ओर से स्वत: संज्ञान लेने के बाद शासन और प्रशासन में हलचल मच गई है। मामले को लेकर आम लोगों के साथ-साथ प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में भी व्यापक चर्चा हो रही है।
हाईकोर्ट ने मामले में जिले के तीन अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उनके तबादले के निर्देश दिए हैं। पार्वती घाटी में इस तरह की कथित रेव पार्टियों के आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है। उनका कहना है कि ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी के साथ-साथ घाटी की देव संस्कृति और स्थानीय परंपराओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
प्रदेश सरकार जहां नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाकर इसके उन्मूलन का संकल्प ले रही है, वहीं रेव पार्टियों के आयोजन से सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पार्वती घाटी पहले ही नशे की तस्करी को लेकर चर्चा में रही है। सरकार, नारकोटिक्स विभाग और पुलिस की कार्रवाई से इस पर काफी हद तक अंकुश लगा है। मलाणा सहित कई क्षेत्रों में भांग की अवैध खेती भी पहले की तुलना में काफी कम हुई है। पार्वती घाटी में वर्षों से पर्यटकों के लापता होने की घटनाएं भी चिंता का विषय रही हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 1991 से 2023 के बीच 19 विदेशी नागरिक लापता हुए। वर्ष 2011 से 2023 के बीच 20 देशी और विदेशी पर्यटकों के लापता होने के मामले दर्ज हैं। इनमें से कई मामलों में अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
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कुल्लू विस क्षेत्र से वर्ष 2022 में भाजपा प्रत्याशी रहे नरोत्तम ठाकुर ने आरोप लगाया कि पार्वती घाटी में रेव पार्टियों का आयोजन सरकार और प्रशासन की मिलीभगत से हो रहा है। उनके अनुसार, रेव पार्टियों से नशे का कारोबार और अपराध बढ़ने की आशंका रहती है। उन्होंने सरकार से इस तरह के आयोजनों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की। संवाद
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हाईकोर्ट ने मामले में जिले के तीन अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उनके तबादले के निर्देश दिए हैं। पार्वती घाटी में इस तरह की कथित रेव पार्टियों के आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है। उनका कहना है कि ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी के साथ-साथ घाटी की देव संस्कृति और स्थानीय परंपराओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
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प्रदेश सरकार जहां नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाकर इसके उन्मूलन का संकल्प ले रही है, वहीं रेव पार्टियों के आयोजन से सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पार्वती घाटी पहले ही नशे की तस्करी को लेकर चर्चा में रही है। सरकार, नारकोटिक्स विभाग और पुलिस की कार्रवाई से इस पर काफी हद तक अंकुश लगा है। मलाणा सहित कई क्षेत्रों में भांग की अवैध खेती भी पहले की तुलना में काफी कम हुई है। पार्वती घाटी में वर्षों से पर्यटकों के लापता होने की घटनाएं भी चिंता का विषय रही हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 1991 से 2023 के बीच 19 विदेशी नागरिक लापता हुए। वर्ष 2011 से 2023 के बीच 20 देशी और विदेशी पर्यटकों के लापता होने के मामले दर्ज हैं। इनमें से कई मामलों में अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
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कुल्लू विस क्षेत्र से वर्ष 2022 में भाजपा प्रत्याशी रहे नरोत्तम ठाकुर ने आरोप लगाया कि पार्वती घाटी में रेव पार्टियों का आयोजन सरकार और प्रशासन की मिलीभगत से हो रहा है। उनके अनुसार, रेव पार्टियों से नशे का कारोबार और अपराध बढ़ने की आशंका रहती है। उन्होंने सरकार से इस तरह के आयोजनों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की। संवाद