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Kullu News: मलाणा यात्रा के बाद शाशिन लौटे राजा घेपन
Thu, 20 Aug 2026 05:44 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 20 Aug 2026 05:44 AM IST
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सिस्सू (लाहौल-स्पीति)। लाहौल के अधिष्ठाता देवता राजा घेपन 25 दिन की मलाणा यात्रा पूरी करने के बाद बुधवार को अपने निवास स्थान शाशिन में विराजमान हो गए। 25 जुलाई को राजा घेपन जहालमा स्थित माता हिडिंबा और मारबल स्थित देवता 18 नाग के साथ अपने भाई देवता जमलू ऋषि से मिलने मलाणा यात्रा पर निकले थे।
राजा घेपन करीब एक सप्ताह की यात्रा के बाद 31 जुलाई को मलाणा पहुंचे थे। इसके बाद 17 अगस्त को रोपसंग से माता हिडिंबा और देवता 18 नाग ने राजा घेपन से विदाई ली और अपने-अपने देवालय के लिए रवाना हुए। इस देव विदाई के साक्षी बनने के लिए हजारों श्रद्धालु रोपसंग पहुंचे थे। विदाई के दौरान श्रद्धालु भावुक भी हो गए।
मंगलवार को राजा घेपन शाशिन थान पहुंचे। बुधवार को देवता अपने रथ से अलग होकर निवास स्थान पर विराजमान हुए। इसके बाद राजा घेपन के रथ को अक्तूबर में होने वाली लाहौल परिक्रमा तक शाशिन की ऊंची पहाड़ी पर सुरक्षित रखा जाएगा।
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राजा घेपन कमेटी के प्रधान गोविंद ने बताया कि 25 दिन की मलाणा यात्रा पूरी करने के बाद बुधवार को राजा घेपन का रथ अलग कर उसे पहाड़ी पर सुरक्षित रखा गया है। लाहौल परिक्रमा अक्तूबर के दूसरे या तीसरे सप्ताह में शुरू होने की संभावना है।
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राजा घेपन करीब एक सप्ताह की यात्रा के बाद 31 जुलाई को मलाणा पहुंचे थे। इसके बाद 17 अगस्त को रोपसंग से माता हिडिंबा और देवता 18 नाग ने राजा घेपन से विदाई ली और अपने-अपने देवालय के लिए रवाना हुए। इस देव विदाई के साक्षी बनने के लिए हजारों श्रद्धालु रोपसंग पहुंचे थे। विदाई के दौरान श्रद्धालु भावुक भी हो गए।
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मंगलवार को राजा घेपन शाशिन थान पहुंचे। बुधवार को देवता अपने रथ से अलग होकर निवास स्थान पर विराजमान हुए। इसके बाद राजा घेपन के रथ को अक्तूबर में होने वाली लाहौल परिक्रमा तक शाशिन की ऊंची पहाड़ी पर सुरक्षित रखा जाएगा।
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राजा घेपन कमेटी के प्रधान गोविंद ने बताया कि 25 दिन की मलाणा यात्रा पूरी करने के बाद बुधवार को राजा घेपन का रथ अलग कर उसे पहाड़ी पर सुरक्षित रखा गया है। लाहौल परिक्रमा अक्तूबर के दूसरे या तीसरे सप्ताह में शुरू होने की संभावना है।