{"_id":"6a55220a7ac6ec8a4102c1dc","slug":"red-signal-for-sainj-roads-ahead-of-apple-season-kullu-news-c-89-1-klu1002-181339-2026-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kullu News: सेब सीजन के लिए सैंज की सड़कों का रेड सिग्नल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kullu News: सेब सीजन के लिए सैंज की सड़कों का रेड सिग्नल
विज्ञापन
अभियान---सेब सीजन शुरू हाेने में कुछ ही समय बाकी है। लेकिन जिला के सैंज कई सड़के अभी बंद पड़ी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सैंज (कुल्लू)। घाटी में सेब सीजन शुरू होने वाला है। अभी दर्जनों सड़कों की हालत खराब बनी हुई है। बागवानों को चिंता सताने लगी है कि सेब को मंडियों तक कैसे पहुंचाया जाए। वर्ष 2025 की आपदा के दौरान भी सेब और अन्य फसल बगीचों में खराब हो गई थीं। बागवानों का कहना है कि अगर सड़कों को नहीं सुधारा गया तो उन्हें इस बार भी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। बागवानों गेहर सिंह, हरि सिंह, नंद राम और प्रीतम सिंह आदि ने कहा कि 2025 में किसानों और बागवानों को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा था।
रैला देउरी, दुशाहड़, शांघड़, शैंशर, घाट, परगाणु और फगला जैसी प्रमुख सड़कों की हालत खराब है। थोड़ी सी बारिश होते ही ये मार्ग भूस्खलन और दलदल की चपेट में आ जाते हैं। उसके बाद आवाजाही बंद हो जाती है। ऐसे में सेब और अन्य फसलों को मंडियों तक पहुंचाना चुनौती होगा। पार्वती परियोजना की डैम साइट के पास लगातार हो रहे भूस्खलन से भी घाटी की छह पंचायतों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। सैंज घाटी में 16 पंचायतें हैं। इन तमाम पंचायत क्षेत्रों की सड़कों की दशा ठीक नहीं है। किसान-बागवान फल और सब्जी उत्पाद को टकोली, भुंतर और बंदरोल सब्जी मंडियों में लेकर जाते हैं। विभाग और प्रशासन को जल्द सड़कों की हालत सुधारनी चाहिए।
....
वर्ष 2025 में सिउंड-रैला सड़क चार महीने बंद हो गई थी। इसके चलते सारा सेब बगीचे में ही सड़ गया था। हमें काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। इस बार भी इसका डर सता रहा है।
विज्ञापन
-लिखत राम नेगी, निवासी रैला
...
पिछले की आपदा में घाटी के सभी मार्ग बंद हो गए थे। इस कारण किसानों और बागवानों को नुकसान हुआ था। इस वर्ष इस तरह का नुकसान न हो विभाग को समय रहते कदम उठाना चाहिए।
-कमल ठाकुर, निवासी बनोगी
000
पक्ष विभागीय
विज्ञापन
रैला देउरी, दुशाहड़, शांघड़, शैंशर, घाट, परगाणु और फगला जैसी प्रमुख सड़कों की हालत खराब है। थोड़ी सी बारिश होते ही ये मार्ग भूस्खलन और दलदल की चपेट में आ जाते हैं। उसके बाद आवाजाही बंद हो जाती है। ऐसे में सेब और अन्य फसलों को मंडियों तक पहुंचाना चुनौती होगा। पार्वती परियोजना की डैम साइट के पास लगातार हो रहे भूस्खलन से भी घाटी की छह पंचायतों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। सैंज घाटी में 16 पंचायतें हैं। इन तमाम पंचायत क्षेत्रों की सड़कों की दशा ठीक नहीं है। किसान-बागवान फल और सब्जी उत्पाद को टकोली, भुंतर और बंदरोल सब्जी मंडियों में लेकर जाते हैं। विभाग और प्रशासन को जल्द सड़कों की हालत सुधारनी चाहिए।
विज्ञापन
....
वर्ष 2025 में सिउंड-रैला सड़क चार महीने बंद हो गई थी। इसके चलते सारा सेब बगीचे में ही सड़ गया था। हमें काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। इस बार भी इसका डर सता रहा है।
विज्ञापन
-लिखत राम नेगी, निवासी रैला
...
पिछले की आपदा में घाटी के सभी मार्ग बंद हो गए थे। इस कारण किसानों और बागवानों को नुकसान हुआ था। इस वर्ष इस तरह का नुकसान न हो विभाग को समय रहते कदम उठाना चाहिए।
-कमल ठाकुर, निवासी बनोगी
000
पक्ष विभागीय