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Kullu News: न्योली में देव परिक्रमा के साथ श्रावण मेले का आगाज
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न्योली में जुआणी महादेव ने किया देव परंपरा का निर्वहन
गूरों ने भी किया देव नृत्य, मेले में वॉलीबाल प्रतियोगिता भी होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
खराहल (कुल्लू)। अधिष्ठाता देवता जुआणी महादेव के सम्मान में मनाए जाने वाले तीन दिवसीय श्रावण मेले का शुभारंभ सोमवार को न्याेली में देवता की परिक्रमा के साथ हुआ। देवता अपने देवालय न्योली से ढोल-नगाड़ों और नरसिंगों की स्वर लहरियों के बीच सौह तक पहुंचे। यहां देव परंपरा के अनुसार मंदिर की परिक्रमा की गई। इसके बाद देवता ने देवलुओं और कारकूनों के साथ सौह में देव नृत्य किया। वहीं, देवता के प्रांगण में गूरों ने भी देव परंपरा के अनुसार नृत्य किया।
देवता के पुजारी भूपेंद्र सिंह और लाल चंद ठाकुर ने बताया कि श्रावण मेला देवता के सम्मान में तीन दिन तक मनाया जाता है। इस दौरान देव परंपराओं का विधिवत निर्वहन किया जाएगा।
महादेव युवा मंडल के प्रधान गोपाल महंत ने बताया कि मेले के दौरान विभिन्न वर्गों में वॉलीबाल प्रतियोगिता भी करवाई जा रही है। इसमें सीनियर, अंडर-19 और गर्ल्स वर्ग की टीमें हिस्सा लेंगी। सीनियर वर्ग में विजेता टीम को 15 हजार और उपविजेता टीम को नौ हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। अंडर-19 और गर्ल्स वर्ग में भी विजेता टीमों को पुरस्कार दिए जाएंगे। 19 और 20 अगस्त को मुकाबले होंगे, जबकि 20 अगस्त को फाइनल खेला जाएगा। देवता के कारदार ओमप्रकाश महंत ने बताया कि देवता का मेला तीन दिन तक न्योली में मनाया जाएगा। इस दौरान देवता के सभी हारियान और कारकून मंदिर में पहुंचकर देवता की चाकरी में उपस्थित रहेंगे।
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तीन दिन तक कृषि कार्यों पर प्रतिबंध
जुआणी महादेव के पिंडी के मोहरे को सोमवार सुबह चार बजे देव परंपरा के अनुसार शिवलिंग पर सुशोभित किया गया। मोहरे के निकलने के बाद घाटी के थरमाण, न्योली, बराधा, जगोट, जुआणी, शांगरीबाग, प्रेमगढ़ और जुआणी रोपा समेत अन्य गांवों में कृषि कार्यों पर प्रतिबंध रहेगा। इस दौरान खेतों में लोहे की वस्तुओं का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा और न ही हल चलाया जाएगा। यह प्रतिबंध देव आदेश के अनुसार लागू रहेगा।
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गूरों ने भी किया देव नृत्य, मेले में वॉलीबाल प्रतियोगिता भी होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
खराहल (कुल्लू)। अधिष्ठाता देवता जुआणी महादेव के सम्मान में मनाए जाने वाले तीन दिवसीय श्रावण मेले का शुभारंभ सोमवार को न्याेली में देवता की परिक्रमा के साथ हुआ। देवता अपने देवालय न्योली से ढोल-नगाड़ों और नरसिंगों की स्वर लहरियों के बीच सौह तक पहुंचे। यहां देव परंपरा के अनुसार मंदिर की परिक्रमा की गई। इसके बाद देवता ने देवलुओं और कारकूनों के साथ सौह में देव नृत्य किया। वहीं, देवता के प्रांगण में गूरों ने भी देव परंपरा के अनुसार नृत्य किया।
देवता के पुजारी भूपेंद्र सिंह और लाल चंद ठाकुर ने बताया कि श्रावण मेला देवता के सम्मान में तीन दिन तक मनाया जाता है। इस दौरान देव परंपराओं का विधिवत निर्वहन किया जाएगा।
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महादेव युवा मंडल के प्रधान गोपाल महंत ने बताया कि मेले के दौरान विभिन्न वर्गों में वॉलीबाल प्रतियोगिता भी करवाई जा रही है। इसमें सीनियर, अंडर-19 और गर्ल्स वर्ग की टीमें हिस्सा लेंगी। सीनियर वर्ग में विजेता टीम को 15 हजार और उपविजेता टीम को नौ हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। अंडर-19 और गर्ल्स वर्ग में भी विजेता टीमों को पुरस्कार दिए जाएंगे। 19 और 20 अगस्त को मुकाबले होंगे, जबकि 20 अगस्त को फाइनल खेला जाएगा। देवता के कारदार ओमप्रकाश महंत ने बताया कि देवता का मेला तीन दिन तक न्योली में मनाया जाएगा। इस दौरान देवता के सभी हारियान और कारकून मंदिर में पहुंचकर देवता की चाकरी में उपस्थित रहेंगे।
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तीन दिन तक कृषि कार्यों पर प्रतिबंध
जुआणी महादेव के पिंडी के मोहरे को सोमवार सुबह चार बजे देव परंपरा के अनुसार शिवलिंग पर सुशोभित किया गया। मोहरे के निकलने के बाद घाटी के थरमाण, न्योली, बराधा, जगोट, जुआणी, शांगरीबाग, प्रेमगढ़ और जुआणी रोपा समेत अन्य गांवों में कृषि कार्यों पर प्रतिबंध रहेगा। इस दौरान खेतों में लोहे की वस्तुओं का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा और न ही हल चलाया जाएगा। यह प्रतिबंध देव आदेश के अनुसार लागू रहेगा।
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