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Kullu News: केलांग में आपदा प्रबंधन में ड्रोन के संचालन पर दिया प्रशिक्षण
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केलांग (लाहौल-स्पीति)। जिले में आपदा प्रबंधन को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने की दिशा में सोमवार को उपायुक्त कार्यालय में लोड-कैरींग ड्रोन संचालन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त किरण भड़ाना ने की।
प्रशिक्षण बजरंग यूएवी प्राइवेट लिमिटेड के प्रशिक्षक उमंग जोशी ने दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को पीएक्स 6पी 2300 लोड-कैरींग ड्रोन की तकनीकी विशेषताओं, सुरक्षित संचालन, रखरखाव तथा आपदा प्रबंधन समेत विभिन्न सरकारी कार्यों में इसके उपयोग की जानकारी दी। उमंग जोशी ने बताया कि यह ड्रोन प्राकृतिक आपदाओं या सड़क संपर्क बाधित होने की स्थिति में दवाइयां, खाद्य सामग्री, चिकित्सा उपकरण और अन्य राहत सामग्री को दुर्गम क्षेत्रों तक तेजी से पहुंचाने में सक्षम है। बताया गया कि यह ड्रोन अधिकतम 75 किलोग्राम तक भार वहन कर सकता है। 30 किलोग्राम भार के साथ यह 18 से 20 मिनट तक उड़ान भरने में सक्षम है, जबकि इसकी उड़ान गति 3 से 8 मीटर प्रति सेकेंड है।
उपायुक्त किरण भड़ाना ने कहा कि लाहौल-स्पीति जैसे दुर्गम जिले में आधुनिक ड्रोन तकनीक आपदा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के साथ राहत एवं बचाव कार्यों और आवश्यक सेवाओं की त्वरित आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के 27 अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। संवाद
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प्रशिक्षण बजरंग यूएवी प्राइवेट लिमिटेड के प्रशिक्षक उमंग जोशी ने दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को पीएक्स 6पी 2300 लोड-कैरींग ड्रोन की तकनीकी विशेषताओं, सुरक्षित संचालन, रखरखाव तथा आपदा प्रबंधन समेत विभिन्न सरकारी कार्यों में इसके उपयोग की जानकारी दी। उमंग जोशी ने बताया कि यह ड्रोन प्राकृतिक आपदाओं या सड़क संपर्क बाधित होने की स्थिति में दवाइयां, खाद्य सामग्री, चिकित्सा उपकरण और अन्य राहत सामग्री को दुर्गम क्षेत्रों तक तेजी से पहुंचाने में सक्षम है। बताया गया कि यह ड्रोन अधिकतम 75 किलोग्राम तक भार वहन कर सकता है। 30 किलोग्राम भार के साथ यह 18 से 20 मिनट तक उड़ान भरने में सक्षम है, जबकि इसकी उड़ान गति 3 से 8 मीटर प्रति सेकेंड है।
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उपायुक्त किरण भड़ाना ने कहा कि लाहौल-स्पीति जैसे दुर्गम जिले में आधुनिक ड्रोन तकनीक आपदा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के साथ राहत एवं बचाव कार्यों और आवश्यक सेवाओं की त्वरित आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के 27 अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। संवाद
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