Himachal: हिमाचल में बदले लीज नियम, 40 साल सीमा तय; हिमुडा को 80 साल की छूट
प्रदेश सरकार ने भूमि पट्टा नियमों में संशोधन करते हुए हिमाचल प्रदेश पट्टा (संशोधन) नियम 2026 लागू करने की अधिसूचना जारी की है।
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हिमाचल प्रदेश सरकार ने भूमि पट्टा नियमों में संशोधन करते हुए हिमाचल प्रदेश पट्टा (संशोधन) नियम 2026 लागू करने की अधिसूचना जारी की है। राजस्व विभाग की ओर से 23 मार्च 2026 को जारी इस अधिसूचना के अनुसार अब राज्य सरकार सामान्य परिस्थितियों में किसी भी भूमि को 40 वर्ष से अधिक अवधि के लिए पट्टे पर नहीं देगी।
हालांकि, हिमुडा को विशेष प्रावधान के तहत बड़ी राहत दी गई है। अब हिमुडा को आवासीय और शहरी विकास परियोजनाओं के लिए अधिकतम 80 वर्ष तक भूमि पट्टा प्रदान किया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से राज्य में नियंत्रित शहरी विकास को गति मिलेगी और आवासीय परियोजनाओं को दीर्घकालिक स्थिरता मिलेगी।
विभाग के अनुसार संशोधन से पहले आम जनता से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की गई थीं, लेकिन निर्धारित समय सीमा में कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई। मंगलवार को राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही नए नियम प्रभावी हो गए हैं।
बैठक की 1500 सिटिंग फीस के साथ 200 रुपये दैनिक भत्ता
वहीं हिमाचल प्रदेश सरकार के गृह विभाग ने जिला पुलिस शिकायत प्राधिकरण के गैर-सरकारी सदस्यों के लिए बैठकों में शामिल होने पर मिलने वाले भत्तों की नई दरें तय कर दी हैं। इस संबंध में 20 मार्च 2026 को अधिसूचना जारी की गई है।
गैर-सरकारी सदस्यों को प्रत्येक बैठक के लिए 1500 रुपये सिटिंग फीस दी जाएगी। इसके अलावा यात्रा भत्ता भी निर्धारित किया गया है। यदि सदस्य अपने निजी वाहन का उपयोग करते हैं, तो उन्हें 8 रुपये प्रति किलोमीटर और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने पर एसी बस के किराये के अनुसार भुगतान किया जाएगा। दैनिक भत्ता 200 रुपये प्रति दिन निर्धारित किया गया है।