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Mandi News: सराज में एक माह में ही ढह गया लाखों का डंगा
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सराज में ढही क्रेट वाल
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थुनाग (मंडी)। सराज में लोक निर्माण विभाग की लापरवाही का ताजा उदाहरण सामने आया है। लोक निर्माण मंडल सराज के उपमंडल छतरी के तहत ब्रेयोगी काकड़ाधार सड़क पर बीते वर्ष आई भीषण आपदा में भूस्खलन से सड़क का एक बड़ा हिस्सा बह गया था। इस क्षति की मरम्मत के लिए विभाग ने लगभग पांच लाख रुपये की लागत से करीब 12 मीटर ऊंचा और 10 मीटर लंबा डंगा (रिटेनिंग वॉल) लगवाया। हालांकि काम पूरा होते ही यह डंगा एक माह के अंदर ही ढह गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार थोड़ी बारिश के बाद ही डंगा पूरी तरह से जमींदोज हो गया, जिससे सड़क यातायात फिर से प्रभावित हो गया है। सड़क पर डंगा न होने से बसों की आवाजाही भी दस माह से बंद पड़ी है। स्थानीय निवासी और पूर्व बीडीसी सदस्य बिहारी लाल ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आपदा से क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत के नाम पर 30 लाख रुपये से अधिक के काम करवाए जा रहे हैं, लेकिन विभागीय निगरानी के पूर्ण अभाव में काम की गुणवत्ता शून्य है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी धन का दुरुपयोग और भ्रष्टाचार हो रहा है। उन्होंने मांग की कि ऐसे घटिया काम करने वालों और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। अमी चंद, चंद्र सिंह, भगत सिंह आदि ने बताया कि यह घटना हिमाचल प्रदेश में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाती है। कहा कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में बड़ी आपदाओं में जान-माल का और नुकसान हो सकता है। पीडब्ल्यूडी छतरी उपमंडल के सहायक अभियंता डीएस शर्मा ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि सड़क पर डंगा लगाने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं था। सड़क की कटिंग भी संभव नहीं थी। डंगा थोड़ा ज्यादा ऊंचा हो गया और दूसरी तरफ चट्टानी हिस्सा होने के कारण मजबूत पकड़ नहीं बन पाई, जिससे डंगा बैठ गया। वहीं, सराज मंडल के अधिशासी अभियंता नीतीश शर्मा ने बताया कि डंगा गिरने की पूरी रिपोर्ट तलब की जा रही है। जांच के बाद जरूरत पड़ने पर नियमानुसार उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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स्थानीय लोगों के अनुसार थोड़ी बारिश के बाद ही डंगा पूरी तरह से जमींदोज हो गया, जिससे सड़क यातायात फिर से प्रभावित हो गया है। सड़क पर डंगा न होने से बसों की आवाजाही भी दस माह से बंद पड़ी है। स्थानीय निवासी और पूर्व बीडीसी सदस्य बिहारी लाल ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आपदा से क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत के नाम पर 30 लाख रुपये से अधिक के काम करवाए जा रहे हैं, लेकिन विभागीय निगरानी के पूर्ण अभाव में काम की गुणवत्ता शून्य है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी धन का दुरुपयोग और भ्रष्टाचार हो रहा है। उन्होंने मांग की कि ऐसे घटिया काम करने वालों और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। अमी चंद, चंद्र सिंह, भगत सिंह आदि ने बताया कि यह घटना हिमाचल प्रदेश में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाती है। कहा कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में बड़ी आपदाओं में जान-माल का और नुकसान हो सकता है। पीडब्ल्यूडी छतरी उपमंडल के सहायक अभियंता डीएस शर्मा ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि सड़क पर डंगा लगाने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं था। सड़क की कटिंग भी संभव नहीं थी। डंगा थोड़ा ज्यादा ऊंचा हो गया और दूसरी तरफ चट्टानी हिस्सा होने के कारण मजबूत पकड़ नहीं बन पाई, जिससे डंगा बैठ गया। वहीं, सराज मंडल के अधिशासी अभियंता नीतीश शर्मा ने बताया कि डंगा गिरने की पूरी रिपोर्ट तलब की जा रही है। जांच के बाद जरूरत पड़ने पर नियमानुसार उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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