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Mandi News: बीच रास्ते में फिर जवाब दे गई एचआरटीसी की बस
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सराज घाटी स्थित सलोट के पास बीच सड़क पर हांफी परिवहन निगम की बस। संवाद
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अस्पताल से लौट रहे मरीजों को भी पैदल चलना पड़ा
टैक्सी का उठाना पड़ा अतिरिक्त आर्थिक बोझ
संवाद न्यूज एजेंसी
थाची (मंडी)। हिमाचल पथ परिवहन निगम की मंडी-डिडर रूट पर चल रही बस रविवार को अपने गंतव्य से करीब 15 किलोमीटर पहले ही थाची के पास सलोट के पास खराब हो गई। इसके चलते बस में सवार सभी यात्रियों को बीच रास्ते में ही उतरना पड़ा।
निगम की इस अव्यवस्था के कारण कौशल्या देवी, भादर सिंह, नेसरी देवी और भूपेंद्र सहित कई यात्रियों को लगभग चार किलोमीटर तक पैदल चलने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं कई लोगों को महंगे किराए पर टैक्सी और निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
स्थानीय युवा युधवीर ने बताया कि वह जोनल अस्पताल मंडी से छुट्टी मिलने के बाद अपने बीमार माता-पिता के साथ घर लौट रहे थे। बस खराब होने के कारण उन्हें मजबूरन 1000 रुपये का अतिरिक्त खर्च कर टैक्सी से जाना पड़ा। सामाजिक कार्यकर्ता बंटी सराजी और स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस रूट पर लंबे समय से खटारा और जर्जर बसें चलाई जा रही हैं। इससे विशेषकर मरीजों, बुजुर्गों और गरीब परिवारों को भारी आर्थिक और शारीरिक मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। बार-बार शिकायत के बावजूद विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
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एचआरटीसी मंडी के क्षेत्रीय प्रबंधक पियूष ने बताया कि इस बारे में जानकारी नहीं है। मामले की जानकारी ली जाएगी।
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टैक्सी का उठाना पड़ा अतिरिक्त आर्थिक बोझ
संवाद न्यूज एजेंसी
थाची (मंडी)। हिमाचल पथ परिवहन निगम की मंडी-डिडर रूट पर चल रही बस रविवार को अपने गंतव्य से करीब 15 किलोमीटर पहले ही थाची के पास सलोट के पास खराब हो गई। इसके चलते बस में सवार सभी यात्रियों को बीच रास्ते में ही उतरना पड़ा।
निगम की इस अव्यवस्था के कारण कौशल्या देवी, भादर सिंह, नेसरी देवी और भूपेंद्र सहित कई यात्रियों को लगभग चार किलोमीटर तक पैदल चलने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं कई लोगों को महंगे किराए पर टैक्सी और निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
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स्थानीय युवा युधवीर ने बताया कि वह जोनल अस्पताल मंडी से छुट्टी मिलने के बाद अपने बीमार माता-पिता के साथ घर लौट रहे थे। बस खराब होने के कारण उन्हें मजबूरन 1000 रुपये का अतिरिक्त खर्च कर टैक्सी से जाना पड़ा। सामाजिक कार्यकर्ता बंटी सराजी और स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस रूट पर लंबे समय से खटारा और जर्जर बसें चलाई जा रही हैं। इससे विशेषकर मरीजों, बुजुर्गों और गरीब परिवारों को भारी आर्थिक और शारीरिक मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। बार-बार शिकायत के बावजूद विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
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एचआरटीसी मंडी के क्षेत्रीय प्रबंधक पियूष ने बताया कि इस बारे में जानकारी नहीं है। मामले की जानकारी ली जाएगी।