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Mandi News: कोटरोपी पर बढ़ता ट्रैफिक बना चुनौती

Mon, 03 Aug 2026 12:25 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 03 Aug 2026 12:25 AM IST
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Rising traffic at Kotropi has become a challenge.
अलाइनमेंट में उलझा घट्टा-नारला फोरलेन
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रोजाना पांच हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही
धंसती पहाड़ियों के बीच स्थायी समाधान की तलाश में एनएचएआई
संवाद न्यूज एजेंसी
जोगिंद्रनगर (मंडी)। मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग का कोटरोपी हिस्सा बढ़ते ट्रैफिक और भूस्खलन के खतरे के कारण सबसे संवेदनशील क्षेत्र बन गया है। रोजाना पांच हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर भारी मालवाहक ट्रकों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। वहीं, धंसती पहाड़ियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की चिंता भी बढ़ा दी है। ऐसे में घट्टा से नारला तक प्रस्तावित फोरलेन परियोजना को स्थायी समाधान माना जा रहा है लेकिन यह अब भी अलाइनमेंट तय न होने के कारण अटकी हुई है।
कोटरोपी से होकर कुल्लू-मनाली और लाहौल-स्पीति से फल-सब्जियों से लदे सौ से अधिक ट्रक प्रतिदिन गुजरते हैं। इसके अलावा कांगड़ा की ओर से आने वाले मालवाहक वाहन, पर्यटकों की गाड़ियां और लेह-लद्दाख के लिए सेना की रसद लेकर जाने वाले ट्रक भी इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। बढ़ते यातायात का दबाव सड़क और पहाड़ियों की स्थिरता पर असर डाल रहा है।
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वर्ष 2017 की भूस्खलन त्रासदी के बाद से हर मानसून में कोटरोपी चुनौती बना रहता है। बारिश के दौरान पहाड़ी दरकने और सड़क धंसने की घटनाओं से कई बार यातायात बाधित होता है। विभाग मरम्मत कर सड़क बहाल करता है लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है।
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घट्टा से नारला तक फोरलेन निर्माण के लिए एनएचएआई ने विभिन्न रूटों का सर्वे कराया है लेकिन अंतिम अलाइनमेंट तय नहीं हो सकी है। इसी वजह से परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही है।
एनएचएआई के साइट इंजीनियर अंकित ने बताया कि फोरलेन परियोजना की औपचारिकताएं पूरी करने की प्रक्रिया जारी है। वरिष्ठ अधिकारी फील्ड स्तर पर स्थिति का आकलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोटरोपी में सड़क और पहाड़ियों को सुरक्षित बनाने के लिए स्थायी तकनीकी समाधान पर भी काम किया जा रहा है।
बॉक्स
कोटरोपी में लगातार धंस रही पहाड़ी से मंडी-पठानकोट हाईवे को पिछले नौ वर्षों में करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है। इसके बावजूद फोरलेन निर्माण का धरातल पर नहीं उतरना गंभीर चिंता का विषय है। -रूपेश सेन, पूर्व महासचिव, व्यापार मंडल जोगिंद्रनगर

एनएचएआई को घट्टा से नारला तक जिस भी अलाइनमेंट पर सर्वे पूरा हो चुका है, उस पर बिना और विलंब किए फोरलेन निर्माण शुरू करना चाहिए, ताकि कोटरोपी क्षेत्र के लोगों को बार-बार की परेशानी से स्थायी राहत मिल सके। -कृष्ण शर्मा, वरिष्ठ नागरिक
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