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Mandi News: मछली पकड़ने पर रोक हटी, कास्ट नेट पर मिलेगा 90 फीसदी अनुदान
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नदियों में जाल से मछली पकड़ने के लिए 200 रुपये में लाइसेंस की सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। मत्स्य विभाग की ओर से मछली संरक्षण के लिए लगाई गई रोक 15 अगस्त के बाद समाप्त हो गई है। अब नदी क्षेत्रों में मछली पकड़ने के लिए कोई भी व्यक्ति 200 रुपये का कास्ट नेट लाइसेंस बनवा कर मत्स्य आखेट कर सकता है। लाइसेंस लेने के बाद लोग निर्धारित नियमों के तहत मछली पकड़ सकेंगे।
मछुआरों को राहत देते हुए सरकार ने कास्ट नेट पर मिलने वाले अनुदान को बढ़ाकर 90 प्रतिशत कर दिया है। तीन हजार रुपये लागत वाले कास्ट नेट पर अब करीब 2700 रुपये अनुदान मिलेगा। पहले सामान्य वर्ग के मत्स्य पालकों को 25 और अन्य वर्गों को 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता था। अब सभी वर्गों के लिए 90 प्रतिशत सहायता का प्रावधान किया गया है। पौंग, रणजीत सागर, कौल बांध, चमेरा और गोबिंद सागर समेत अन्य रेजरवायर में मछली पकड़ने वाले मछुआरों को गिल नेट पर 90 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। इसके अलावा जलाशय क्षेत्र के मत्स्य पालकों को 50 हजार रुपये लागत वाली बोट खरीदने पर 70 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। मत्स्य पालन विभाग की सहायक निदेशक नीतू सिंह ने विभाग की योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंडी। मत्स्य विभाग की ओर से मछली संरक्षण के लिए लगाई गई रोक 15 अगस्त के बाद समाप्त हो गई है। अब नदी क्षेत्रों में मछली पकड़ने के लिए कोई भी व्यक्ति 200 रुपये का कास्ट नेट लाइसेंस बनवा कर मत्स्य आखेट कर सकता है। लाइसेंस लेने के बाद लोग निर्धारित नियमों के तहत मछली पकड़ सकेंगे।
मछुआरों को राहत देते हुए सरकार ने कास्ट नेट पर मिलने वाले अनुदान को बढ़ाकर 90 प्रतिशत कर दिया है। तीन हजार रुपये लागत वाले कास्ट नेट पर अब करीब 2700 रुपये अनुदान मिलेगा। पहले सामान्य वर्ग के मत्स्य पालकों को 25 और अन्य वर्गों को 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता था। अब सभी वर्गों के लिए 90 प्रतिशत सहायता का प्रावधान किया गया है। पौंग, रणजीत सागर, कौल बांध, चमेरा और गोबिंद सागर समेत अन्य रेजरवायर में मछली पकड़ने वाले मछुआरों को गिल नेट पर 90 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। इसके अलावा जलाशय क्षेत्र के मत्स्य पालकों को 50 हजार रुपये लागत वाली बोट खरीदने पर 70 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। मत्स्य पालन विभाग की सहायक निदेशक नीतू सिंह ने विभाग की योजनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया है।
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