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केंद्र सरकार ने जानबूझकर लीक करवाए पेपर : बंबर
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सुंदरनगर में मंडी जिला प्रभारी नियुक्त होने के बाद पहली बार पहुंचे बंबर ठाकुर का स्वागत करते क
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मंडी। केंद्र की मोदी सरकार ने अब तक जानबूझकर 93 पेपर लीक करवाए गए हैं ताकि आरएसएस से जुड़े लोगों को पिछले दरवाजे से बड़े प्रशासनिक पदों पर बैठाया जा सके। यह शब्द बिलासपुर सदर के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस कमेटी के प्रदेश उपाध्यक्ष बंबर ठाकुर ने मंडी के गांधी भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही।
बंबर ने इसे देश के लाखों ईमानदार और मेहनती युवाओं के भविष्य के साथ एक सोची-समझी साजिश और खिलवाड़ करार दिया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वह शिक्षा मंत्री नहीं, बल्कि नीट पेपर लीक के प्रधान हैं। आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि साल 2016, 17, 21, 24 और 2026 में नीट सहित अन्य परीक्षा से जुड़े पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। एक बार गलती हो सकती है, लेकिन बार-बार पेपर लीक होना परीक्षाओं की गोपनीयता से खिलवाड़ और कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाने की बड़ी साजिश को दर्शाता है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से तुरंत नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की और कहा कि उनकी भूमिका की जांच की जाए। बंबर ने उन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का दर्द भी साझा किया जो कर्ज लेकर अपने बच्चों को नीट की कोचिंग करवा रहे हैं। उन्होंने सरकार से पीड़ित अभिभावकों का लोन तुरंत माफ करने की वकालत की। कहा कि लगातार होते पेपर लीक से देशभर के छात्र मानसिक तनाव झेल रहे हैं। इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी और केंद्र सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
बंबर ने एलान किया कि कांग्रेस पार्टी के निर्देश पर वह मंडी जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों, पंचायतों, स्कूलों और कॉलेजों में जाकर विद्यार्थियों की राय जानेंगे और उनकी आवाज को बुलंद करेंगे। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंपा ठाकुर सहित कई अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे।
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बंबर ने इसे देश के लाखों ईमानदार और मेहनती युवाओं के भविष्य के साथ एक सोची-समझी साजिश और खिलवाड़ करार दिया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वह शिक्षा मंत्री नहीं, बल्कि नीट पेपर लीक के प्रधान हैं। आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि साल 2016, 17, 21, 24 और 2026 में नीट सहित अन्य परीक्षा से जुड़े पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। एक बार गलती हो सकती है, लेकिन बार-बार पेपर लीक होना परीक्षाओं की गोपनीयता से खिलवाड़ और कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाने की बड़ी साजिश को दर्शाता है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से तुरंत नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की और कहा कि उनकी भूमिका की जांच की जाए। बंबर ने उन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का दर्द भी साझा किया जो कर्ज लेकर अपने बच्चों को नीट की कोचिंग करवा रहे हैं। उन्होंने सरकार से पीड़ित अभिभावकों का लोन तुरंत माफ करने की वकालत की। कहा कि लगातार होते पेपर लीक से देशभर के छात्र मानसिक तनाव झेल रहे हैं। इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी और केंद्र सरकार ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
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बंबर ने एलान किया कि कांग्रेस पार्टी के निर्देश पर वह मंडी जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों, पंचायतों, स्कूलों और कॉलेजों में जाकर विद्यार्थियों की राय जानेंगे और उनकी आवाज को बुलंद करेंगे। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंपा ठाकुर सहित कई अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे।