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Mandi News: सुंदरनगर के बीएल और कलावती स्कूल में सह-शिक्षा लागू
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सीबीएसई और हिमाचल बोर्ड लागू होने से बदला स्वरूप
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। सुंदरनगर के 137 साल पुराने दो ऐतिहासिक स्कूल बाल स्कूल (बीएल स्कूल) और कलावती कन्या स्कूल की अलग पहचान अब खत्म हो गई है। प्रदेश सरकार ने इस सत्र से दोनों में सह-शिक्षा लागू कर दी है। अब बाल स्कूल हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के तहत छठी से 12वीं तक संचालित होगा, जबकि कन्या स्कूल को सीबीएसई से जोड़ दिया गया है। दोनों स्कूलों में नए सत्र के लिए प्रवेश शुरू हो चुके हैं, जिससे अभिभावकों को बोर्ड चुनने का विकल्प मिलेगा। इतिहास के अनुसार बाल स्कूल की स्थापना 1890 में राजा लक्ष्मण सेन और भीम सेन के नाम पर हुई थी, जबकि कन्या स्कूल महारानी कलावती के नाम पर था। रियासती दौर से चली आ रही इनकी अलग पहचान अब सह-शिक्षा लागू होने से समाप्त हो गई है।
प्रधानाचार्य लेख राम भारद्वाज के अनुसार हिमाचल शिक्षा बोर्ड के तहत को-एजुकेशन के लिए अधिकृत इस स्कूल में छठी से बारहवीं तक प्रवेश प्रक्रिया जारी है। अब तक 150 से अधिक छात्र-छात्राएं दाखिला ले चुके हैं। यह संस्थान रियासत काल में स्थापित हुआ था और लंबे समय तक क्षेत्र की शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। सुंदरनगर के 137 साल पुराने दो ऐतिहासिक स्कूल बाल स्कूल (बीएल स्कूल) और कलावती कन्या स्कूल की अलग पहचान अब खत्म हो गई है। प्रदेश सरकार ने इस सत्र से दोनों में सह-शिक्षा लागू कर दी है। अब बाल स्कूल हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के तहत छठी से 12वीं तक संचालित होगा, जबकि कन्या स्कूल को सीबीएसई से जोड़ दिया गया है। दोनों स्कूलों में नए सत्र के लिए प्रवेश शुरू हो चुके हैं, जिससे अभिभावकों को बोर्ड चुनने का विकल्प मिलेगा। इतिहास के अनुसार बाल स्कूल की स्थापना 1890 में राजा लक्ष्मण सेन और भीम सेन के नाम पर हुई थी, जबकि कन्या स्कूल महारानी कलावती के नाम पर था। रियासती दौर से चली आ रही इनकी अलग पहचान अब सह-शिक्षा लागू होने से समाप्त हो गई है।
प्रधानाचार्य लेख राम भारद्वाज के अनुसार हिमाचल शिक्षा बोर्ड के तहत को-एजुकेशन के लिए अधिकृत इस स्कूल में छठी से बारहवीं तक प्रवेश प्रक्रिया जारी है। अब तक 150 से अधिक छात्र-छात्राएं दाखिला ले चुके हैं। यह संस्थान रियासत काल में स्थापित हुआ था और लंबे समय तक क्षेत्र की शिक्षा का प्रमुख केंद्र रहा है।
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