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कन्या विद्यालय भंगरोटू को एचपी बोर्ड में रखा जाए : संघ
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प्रधानाचार्य का निलंबन रद्द करने की उठाई मांग
प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ जिला मंडी ने विभाग से फैसले पर पुनर्विचार करने का किया आग्रह
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ जिला मंडी ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या पाठशाला भंगरोटू के प्रधानाचार्य किशन चंद के निलंबन पर नाराजगी जताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है। संघ ने कन्या विद्यालय भंगरोटू को सीबीएसई में मर्ज करने के आदेश रद्द कर उसे हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के तहत ही संचालित रखने की भी मांग की।
जिला अध्यक्ष देवेंद्र कुमार, महिला विंग अध्यक्ष ललिता बांगिया और वरिष्ठ उपप्रधान पुनीत प्रभाकर शर्मा ने कहा कि किशन चंद एक अनुभवी प्रशासक हैं और उनका निलंबन उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि विद्यालय को सीबीएसई में मर्ज करने के फैसले का संघ, विद्यालय प्रबंधन समिति और विभिन्न सामाजिक संगठन लगातार विरोध कर रहे हैं तथा इसे निरस्त करने की मांग मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव से की गई है। संघ के अनुसार विद्यालय में वर्तमान में 198 छात्राएं अध्ययनरत हैं, जबकि इस सत्र में 48 विद्यार्थियों ने निजी स्कूल छोड़कर यहां प्रवेश लिया है, जो विद्यालय की बेहतर कार्यप्रणाली और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को दर्शाता है।
प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ जिला मंडी ने विभाग से फैसले पर पुनर्विचार करने का किया आग्रह
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ जिला मंडी ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या पाठशाला भंगरोटू के प्रधानाचार्य किशन चंद के निलंबन पर नाराजगी जताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है। संघ ने कन्या विद्यालय भंगरोटू को सीबीएसई में मर्ज करने के आदेश रद्द कर उसे हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के तहत ही संचालित रखने की भी मांग की।
जिला अध्यक्ष देवेंद्र कुमार, महिला विंग अध्यक्ष ललिता बांगिया और वरिष्ठ उपप्रधान पुनीत प्रभाकर शर्मा ने कहा कि किशन चंद एक अनुभवी प्रशासक हैं और उनका निलंबन उचित नहीं है। उन्होंने बताया कि विद्यालय को सीबीएसई में मर्ज करने के फैसले का संघ, विद्यालय प्रबंधन समिति और विभिन्न सामाजिक संगठन लगातार विरोध कर रहे हैं तथा इसे निरस्त करने की मांग मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव से की गई है। संघ के अनुसार विद्यालय में वर्तमान में 198 छात्राएं अध्ययनरत हैं, जबकि इस सत्र में 48 विद्यार्थियों ने निजी स्कूल छोड़कर यहां प्रवेश लिया है, जो विद्यालय की बेहतर कार्यप्रणाली और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को दर्शाता है।
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